Ganesh Visarjan 2022: भगवान गणेश को समर्पित अनंत चतुर्दशी का त्योहार आने वाला है। इस दिन गणेश जी की दस दिवसीय पूजा संपन्न हो जाती है और उनका विसर्जन किया जाता है। भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जित करते हुए उनके भक्त गणपति से अगले बरस आने की प्रार्थना भी करते हैं। गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ये त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसा कहते है कि अनंत चतुर्दशी पर भगवान गणेश की उपासना से हर समस्या हर विघ्न का निवारण हो सकता है। इस साल गणपति विसर्जन यानी अनंत चतुर्दशी 09, सितंबर को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं कि अनंत चतुर्दशी की पूजा में कौन सी खास सामग्री की आवश्यकता पड़ती है।
अनंत चतुर्दशी की तिथि
भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि बुधवार, 08 सितंबर को रात 09 बजकर 02 मिनट से लेकर अगले दिन यानी गुरुवार, 09 सितंबर को शाम 06 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगी। उदिया तिथि होने के कारण अनंत चतुर्दशी का त्योहार 09 सितंबर को ही मनाया जाएगा।
पूजन विधि
अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन से पहले गणपति की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह स्नानादि के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहनें। इस दिन सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु की विधिवत पूजा की जाती है। पूजा स्थल पर रखे कलश पर कुमकुम और हल्दी से 14 गांठों से अनंत सूत्र तैयार करें। इसे भगवान विष्णु को अर्पित कर दें। आखिर में श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करें। इसके बाद ही भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जित करें।
अनंत चतुर्दशी की सामग्री
हल्दी, रोली, मोली (रक्षासूत्र) पंचमेवा, सात प्रकार के फल शहद, जनेऊ, गंगाजल, अष्टगंध पाउडर, कपूर, अगरबत्ती, धूपबत्ती, सुपारी, लौंग, इलायची, रूई, रूई गोलबत्ती, चंदन, अक्षत (साबुत चावल), शुद्ध घी, दीपक, लाल कपड़ा, पीला कपड़ा, सूखा साबुत नारियल, केसर, नैवेद्य और अनंत धागा।
डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।

