Sign Of Death: मृत्यु से पहले यमदेव देते हैं ये संकेत, न करें अनदेखा, हो जाएं सचेत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 2, 2022, 12:35 PM IST

Indications Of Death: हर व्यक्ति को उसके मौत से पहले कुछ संकेत मिलने लगते हैं। लेकिन ज्ञान के अभाव में इन संकेतों को लोग पहचान नहीं पाते या अनदेखा कर देते हैं। जानते हैं वो कौन से संकेत हैं, जिसे मृत्यु से पहले यमदेव देते हैं।

Sign Of Death:  मृत्यु से पहले यमदेव देते हैं ये संकेत, न करें अनदेखा, हो जाएं सचेत

Yamraj Gives Sign Of Death: हम अपने बड़े-बुजुर्गों और आस-पास के लोगों से ऐसा कहते हुए सुनते हैं कि मौत अचानक आती है। ना ही इसे कोई रोक सकता है और ना ही इसका समय बदल सकता है। यह बात शत-प्रतिशत सही है। लेकिन शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि मृत्यु से पहले भगवान यमराज कुछ संकेत देने लगते हैं। हिंदू धर्म में यमराज को मृत्यु का देवता कहा जाता है। धरती पर जन्म लेने वाले हर व्यक्ति के मृत्यु की तिथि निर्धारित होती है। कुछ लोग ज्ञान के अभाव में इन संकेतों को समझ नहीं पाते। इसलिए आप पहले ही इन संकेतों को जान लें और अपने बुरे कर्मों का सुधार कर लें। इससे आपका जीवन सफल हो जाएगा। जानते हैं वो कौन से संकते हैं जिसे यमदेव मृत्यु से पहले देते हैं।

बालों का सफेद होने लगना 
बढ़ती उम्र के साथ लोगों के बाल सफेद होने लगते हैं। इसे मृत्यु का पहला संकेत माना जाता है। यह इस बात का संकेत होता है कि आपकी उम्र अब मृत्यु की ओर बढ़ रही है। इसलिए बाल सफेद होते ही लोगों को बुरे कर्मों से दूर रहना चाहिए। साथ ही मोह की दुनिया से बाहर आकर भगवान की पूजा-पाठ और धार्मिक यात्राओं पर ध्यान देना चाहिए।

दांतों का टूटना

बढ़ती उम्र के साथ लोगों के दांत भी कमजोर होने लगते हैं। इसे मृत्यु का  दूसरा संकेत कहा जाता है। दांतो का कमजोर होना और टूटना भी इस बात की ओर इशारा करता है आपकी उम्र बढ़ रही है। दांत का गिरना इस बात संकेत होता है कि आपका शरीर मुक्ति की ओर इशारा कर रहा है और मोह से दूर रहने के लिए कह रहा है।

आंखों के सामने अंधेरा छाना

मृत्यु का तीसरा संकेत ज्ञानेन्द्रिय से जुड़ा होता है। आंखों की रोशनी का कमजोर होना या अंधेरा दिखाई देना भी इस बात का संकेत है कि व्यक्ति अब उम्र दराज हो गया है। आंख के साथ उसके सुनने की क्षमता भी कमजोर होने लगती है।

शरीर के अंगों का कमजोर होना

बढ़ती उम्र के साथ शरीर के अंग कमजोर होने लगते हैं। मांसपेशियां ढीली होने लगती है और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। व्यक्ति चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है और हर कार्य के लिए उसे किसी दूसरे व्यक्ति के सहारे की जरूरत पड़ती है। यह भी इस बात का संकेत देता है कि अब आप किसी व्यक्ति के सहारे के बजाय भगवान की शरण लें।

कहा जाता है कि जो व्यक्ति इन संकेतों को समझ नहीं पाता या नजरअंदाज करता है उसे नर्क की प्राप्ति होती है। यमराज के इन संकेतों का अर्थ होता है कि अब व्यक्ति को बुरे कर्मों और मोह माया की दुनिया से दूर रहना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)

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