सात महीने बाद श्रद्धालुओं के लिए खुला कामाख्या देवी मंदिर, दर्शन के लिए दिखानी होगी कोरोना रिपोर्ट

Kamakhya Temple Reopened: कामाख्या देवी का मंदिर एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है। श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने से पहले कोविड-19 से बचाव के लिए सैनिटाइजेशन चैंबर से भी गुजरना पड़ेगा।

Kamakhya Temple
Kamakhya Temple 
मुख्य बातें
  • कामाख्या देवी का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खुल गया है।
  • कोरोना और लॉकडाउन के कारण मंदिर को बंद कर दिया गया था।
  • कोरोना को ध्यान में रखते हुए फिलहाल गृभगृह को बंद किया गया है।

नई दिल्ली. कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच बंद हुआ कमाख्या मंदिर रविवार को एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है। हालांकि,  श्रद्धालुओं को अभी भी COVID-19 के कड़े प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

मंदिर के फिर से खुलने के बाद पहले दिन काफी कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और उन्हें रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) से गुजरना पड़ा। उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से पहले कोविड-19 से बचाव के लिए सैनिटाइजेशन चैंबर से भी गुजरना पड़ा।

मंदिर प्रबंधन समिति के डोलोई एम. सी. सरमा ने कहा कि मंदिर का ‘गर्भगृह’ श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा और वे केवल ‘परिक्रमा’ कर सकेंगे और मंदिर के मुख्य दरवाजे के बाहर पूजा कर सकेंगे।

Kamakhya Mandir

दिखानी होगी कोरोना रिपोर्ट
एम. सी. सरमा ने कहा कि पिछले तीन दिनों में जांच कराने वाले श्रद्धालु अपनी रिपोर्ट दिखाकर सीधे पहाड़ी के ऊपर दर्शन के लिए जा सकेंगे। प्रत्येक श्रद्धालु को मंदिर परिसर में केवल 15 मिनट रहने की अनुमति है। 

मंदिर सुबह आठ बजे से सूर्यास्त तक खुला रहेगा लेकिन नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान दर्शन के समय में परिवर्तन होगा। कामख्या मंदिर खुलने के बाद सीमित संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने परिक्रमा भी की। 

Image

सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जाएगा ध्यान
एम.सी सरमा ने कहा कि कामरूप मेट्रोपोलिटन जिला प्रशासन के साथ विचार-विमर्श के बाद ये उपाय किए गए हैं ताकि अधिकतम सामाजिक दूरी बनाए रखना सुनिश्चित किया जा सके। कामाख्या मंदिर असम की राजधानी दिसपुर के पास गुवाहाटी से 8 किलोमीटर दूर कामाख्या में है। 

Image

 मां भगवती कामाख्या का सिद्ध शक्तिपीठ सती के इक्यावन शक्तिपीठों में सर्वोच्च स्थान रखता है। यहीं भगवती की महामुद्रा (योनि-कुण्ड) स्थित है। यहाँ मान्यता है, कि जो भी बाहर से आये भक्तगण जीवन में तीन बार दर्शन कर लेते हैं उनके सांसारिक भव बंधन से मुक्ति मिल जाती है ।

Times Now Navbharat
Times now
zoom Live
ET Now
ET Now Swadesh
Live TV
अगली खबर