Ashadha Masik Shivratri: कब है आषाढ़ मासिक शिवरात्रि, जानें तिथि, पूजा विधि, मुहूर्त और महत्व

आध्यात्म
Updated Jun 17, 2022 | 09:21 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Masik Shivratri 2022: आषाढ़ माह में मासिक शिवरात्रि 27 जून को पड़ रही है। मासिक शिवरात्रि पर व्रत रखा जाता है और भगवान शंकर सहित पूरे शिव परिवार की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

Ashadha Masik Shivratri
आषाढ़ मासिक शिवरात्रि 
मुख्य बातें
  • सोमवार के दिन पड़ रही आषाढ़ मासिक शिवरात्रि
  • मासिक शिवरात्रि में दिन-रात सभी पहर में होती है पूजा
  • मासिक शिवरात्रि पर शिवजी के साथ करें पूरे शिव परिवार की पूजा

Ashadha Month Masik Shivratri 2022: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। इस बार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में होने वाली मासिक शिवरात्रि का व्रत सोमवार, 27 जून 2022 को रखा जाएगा। मासिक शिवरात्रि पर व्रत रखने व पूजन करने से भगवान शिव अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती के साथ पूरे शिव परिवार की पूजा की जाती है। जानते हैं इस बार आषाढ़ माह में किस शुभ मुहूर्त पर होगी मासिक शिवरात्रि की पूजा, जानें इसकी पूजा विधि और महत्व के बारे में..

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि मुहूर्त

आषाढ़ चतुर्दशी प्रारंभ-  सोमवार, 27 जून तड़के 03:25 से

आषाढ़ चतुर्दशी समाप्त- मंगलवार 28 जून सुबह 05:52 पर

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त- 27 जून देर रात 12:04 से 12 बजकर 44 मिनट तक.

पूजा की अवधि- रात्रि प्रहर में शिव पूजा के लिए 40 मिनट का शुभ समय है.

आषाढ़ मासिक शिवरात्रि महत्व

आषाढ़ माह में पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि का काफी महत्व होता है। यह दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित होता है। इस शिवरात्रि को करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है, निसंतान दंपत्ति को संतान की प्राप्ति होती है और रोगों से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि आषाढ़ मासिक शिवरात्रि के व्रत को मोक्ष, मुक्ति और स्वस्थ-समृद्धि प्रदान करने वाला व्रत माना जाता है।

मासिक शिवरात्रि पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि की पूजा सुबह से लेकर रात्रि सभी पहर में की जाती है। इस दिन आप सुबह और शाम कभी भी पूजा कर सकते हैं। पूजा में भगवान शिव जी के सामने एक दीपक जलाएं। शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद आदि से अभिषेक करें। भगवान को बेलपत्र, भांग, धतूरा, फूल, फल आदि चढ़ाएं। पूजा में ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और इसके बाद शिवजी की आरती करें। शिवजी के साथ ही माता गौरी, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी की भी पूजा करें। इस बार आषाढ़ मासिक शिवरात्रि सोमवार के दिन पड़ रही है। सोमवार का दिन भगवान शिवजी की पूजा के लिए समर्पित होता है। ऐसे में इस बार की मासिक शिवरात्रि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)

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