Adhik maas 2020 : पुरुषोत्तम मास में राशि के अनुसार करें दक्षिणा, जानें अध‍िक मास में दान के न‍ियम

Purushottam Maas Daan: दान कभी किया जाए उसका पुण्य मिलता ही है, लेकिन पुरुषोत्तम मास में दान-पुण्य करने से दोगुना पुण्यलाभ मिलता है। इसलिए इस मास में अपनी राशि के अनुसार दान करें, लेकिन दान के नियम जान लें।

Importance of charity in Purushottam Maas, पुरुषोत्तम मास में दान का महत्व
Importance of charity in Purushottam Maas, पुरुषोत्तम मास में दान का महत्व 

मुख्य बातें

  • पुरुषोत्तम मास में जरूरतमंद को जरूर दान करना चाहिए
  • दान यथा शक्ति हमेशा दिन के समय करना चाहिए
  • दान कभी किसी की देखा-देखी नहीं करना चाहिए

किसी जरूरतमद की मदद करना और उसे जरूरत का सामान देना बहुत ही पुण्य का कर्म होता है। पुराणों में कहा गया है कि दान मनुष्य के इस लोक को ही नहीं परलोक को भी सुधारता है। उसके पापकर्म कटते हैं और उसे बैकुंठ की प्राप्ति होती है। पुरोषोत्तम मास में दान का महत्व और भी बढ़ जाता है। अधिकमाम में अधिक से अधिक धार्मिक कार्य करने की सलाह दी जाती है और ये मास भगवान विष्णु का होता है। इसलिए इस मास में दान-पुण्य जरूर करन चाहिए। मान्यता है कि अधिक मास में किए गए दान का पुण्य दानी व्यक्ति के पूरे परिवार को मिलता है। कोशिश करें कि अपनी राशि के अनुसार दान करें।

दान करने से पहले जान लें इसके नियम

पुरुषोत्तम मास में व्रत, उपवास, पूजा-पाठ के साथ दान कै बहुत ही महत्व माना गया है, लेकिन दान करने के कुछ नियम हैं। जैसे,दान उसी को दें, जिसे इसकी जरूरत हो और दान कभी किसी को देख कर नहीं करना चाहिए। बल्कि दान अपनी यथा शक्ति के अनुसार करें। दान हमेशा दिन में करना चाहिए। रात में दान केवल यज्ञ, विवाह, संक्रांति, चंद्र या सूर्य ग्रहण के समय ही किया जाता है।

जानें, किसी राशि को क्या करना चाहिए दान

मेष- मालपुए, घी, चांदी, लाल कपड़े, केले, अनार, सोना, तांबा, मूंगा और गेंहू आदि का दान पुरुषोत्तम मास में करना बहुत पुण्यकारी होता है।

वृषभ- सफेद वस्त्र, चांदी, सोना, मालपुए, मावा, शकर, चावल, केले, गाय, हीरा, मोती, वाहन आदि का दान पुरुषोत्तम मास में करना बहुत पुण्यकारी होता है।

मिथुन- पन्ना, मूंग की दाल, सोना, मूर्ति के लिए छत्र, तेल, कांसे के बर्तन, केले, सेवफल, मालपुए, कंगन, सिंदूर, वस्त्र आदि का दान पुरुषोत्तम मास में करना बहुत पुण्यकारी होता है।

कर्क- मोती, चांदी, किसी प्याऊ में मटके, तेल, सफेद कपड़े, सोना, गाय, मालपुए, मावा, दूध, शकर, चावल आदि का दान पुरुषोत्तम मास में करना बहुत पुण्यकारी होता है।

सिंह- लाल कपड़े, तांबा, पीतल, सोना, चांदी, गेंहू, मसूर, माणिक्य, धार्मिक पुस्तकें, अनार, सेवफल दान में दिए जा सकते हैं।

कन्या- मूंग की दाल, सोना, छत्र, तेल, केले, सेवफल, गौशाला में धन और घास का दान कर सकते हैं।

तुला- सफेद कपड़े, मालपुए, मावा, शकर, चावल, केले का दान कर सकते हैं।

वृश्चिक- घी, लाल कपड़े, मौसमी फल, अनार, तांबा, मूंगा, गेंहू का दान कर सकते हैं।

धनु- पीले कपड़े, चने की दाल, लकड़ी के सामान, घी, तिल, अनाज, दूध का दान करें।

मकर और कुंभ राशि- तेल, दवाइयां, नीले कपड़े, केले, औजार, लोहा, मौसमी फल का दान करें।

मीन- पीले कपड़े, चने की दाल, घी, दूध और दूध से बनी मिठाई, शिक्षा से जुड़ी चीजें दान करें।

भगवान विष्णु के इस मास में जितना हो सके आपको अच्छे कर्म के साथ दान-पुण्य करने चाहिए। बड़े-बुजुर्ग की सेवा करने से भी भगवान बहुत प्रसन्न होते हैं।

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