अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 27 October 2026: आज कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष द्वितीया और भरणी नक्षत्र का संयोग, जानिए आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशा शूल

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 27 October 2026: पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल के साथ ही तिथि और नक्षत्र की जानकारी कर सकते हैं।

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27 अक्टूबर का पंचांग

Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 27 October 2026: 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू होगी। सुबह 7:01 बजे तक भरणी नक्षत्र के साथ प्रतिपदा तिथि का समापन होगा, जबकि भरणी नक्षत्र दोपहर 3:39 बजे तक रहेगा। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा। आज चंद्रमा मेष राशि से रात 9:06 बजे वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। यहां जानें आज का पंचांग, सूर्योदय-सूर्यास्त, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशा शूल क्या रहने वाला है।

आज का पंचांग

27 अक्टूबर 2026, मंगलवार को कृष्ण प्रतिपदा तिथि सुबह 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण द्वितीया तिथि शुरू होगी, जो 28 अक्टूबर को सुबह 4 बजकर 6 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण तृतीया तिथि लगेगी। विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। पूर्णिमांत गणना के अनुसार चंद्र मास कार्तिक और अमांत गणना के अनुसार आश्विन मास रहेगा। आज प्रविष्टे/गते 11 है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय

27 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6:29 बजे और सूर्यास्त शाम 5:40 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 6:23 बजे और चंद्रास्त सुबह 7:31 बजे होगा। दिनमान 11 घंटे 10 मिनट 46 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 49 मिनट 54 सेकंड रहेगा। मध्याह्न का समय दोपहर 12:05 बजे है।

तिथि और नक्षत्र

आज कृष्ण प्रतिपदा तिथि सुबह 7:01 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण द्वितीया शुरू होगी, जो 28 अक्टूबर को सुबह 4:06 बजे तक रहेगी। नक्षत्र की बात करें तो भरणी नक्षत्र दोपहर 3:39 बजे तक रहेगा। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा।

योग और करण

आज सिद्धि योग सुबह 10:53 बजे तक रहेगा। इसके बाद व्यतीपात योग शुरू होगा। करण में सुबह 7:01 बजे तक कौलव करण रहेगा। इसके बाद शाम 5:35 बजे तक तैतिल करण और फिर रात 4:06 बजे तक गर करण रहेगा। इसके बाद वणिज करण शुरू होगा।

चंद्र राशि और सूर्य राशि

चंद्रमा आज रात 9:06 बजे तक मेष राशि में रहेगा। इसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य तुला राशि में स्थित है और स्वाती नक्षत्र में रहेगा। सूर्य रात 9:13 बजे तक स्वाती नक्षत्र के पहले चरण में और इसके बाद दूसरे चरण में रहेगा।

27 अक्टूबर के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:47 बजे से 5:38 बजे तक
  • प्रातः संध्या: सुबह 5:13 बजे से 6:29 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 1:57 बजे से 2:41 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:40 बजे से 6:06 बजे तक
  • सायाह्न संध्या: शाम 5:40 बजे से 6:57 बजे तक
  • अमृत काल: सुबह 11:15 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 28 अक्टूबर को रात 12:31 बजे तक
  • त्रिपुष्कर योग: दोपहर 3:39 बजे से 28 अक्टूबर को सुबह 4:06 बजे तक
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 3:39 बजे से 28 अक्टूबर को सुबह 6:30 बजे तक

27 अक्टूबर के अशुभ समय

  • राहुकाल: दोपहर 2:52 बजे से शाम 4:16 बजे तक
  • यमगंड: सुबह 9:17 बजे से 10:41 बजे तक
  • गुलिक काल: दोपहर 12:05 बजे से 1:29 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 8:44 बजे से 9:28 बजे तक
  • वर्ज्य काल: रात 10:48 बजे से 11:39 बजे तक
  • वर्ज्य काल: 28 अक्टूबर को रात 2:32 बजे से 3:59 बजे तक
  • आडल योग: सुबह 6:29 बजे से दोपहर 3:39 बजे तक
  • विडाल योग: दोपहर 3:39 बजे से 28 अक्टूबर को सुबह 6:30 बजे तक
  • बाण: मृत्यु बाण रात 9:13 बजे से पूरी रात तक

आनंदादि और तमिल योग

आनंदादि योग में दोपहर 3:39 बजे तक मुसल योग रहेगा। इसके बाद गद योग शुरू होगा। तमिल योग में दोपहर 3:39 बजे तक मरण योग रहेगा और इसके बाद भी मरण योग का प्रभाव दर्ज है। आज जीवन पूर्ण रहेगा और नेत्र दो रहेंगे।

ऋतु और अयन

द्रिक गणना के अनुसार हेमंत ऋतु और वैदिक गणना के अनुसार शरद ऋतु रहेगी। सूर्य दक्षिणायन में रहेगा।

दिशा शूल और निवास

मंगलवार को दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा। आज चंद्र वास रात 9:06 बजे तक पूर्व दिशा में और इसके बाद दक्षिण दिशा में रहेगा। राहु वास पश्चिम दिशा में है। होमाहुति दोपहर 3:39 बजे तक चंद्रमा और इसके बाद मंगल से संबंधित है। अग्निवास सुबह 7:01 बजे तक पृथ्वी पर रहेगा। इसके बाद आकाश में और 28 अक्टूबर को सुबह 4:06 बजे तक आकाश से संबंधित स्थिति रहेगी। इसके बाद पाताल में अग्निवास रहेगा। शिववास सुबह 7:01 बजे तक गौरी के साथ, फिर 28 अक्टूबर को सुबह 4:06 बजे तक सभा में और इसके बाद क्रीड़ा में रहेगा। कुंभ चक्र उत्तर दिशा में रहेगा।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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