Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 24 February 2026: 24 फरवरी 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। आज फाल्गुन माह (पूर्णिमांत) के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि प्रातः तक प्रभावी रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी। चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेंगे। आज से ही होलाष्टक की भी शुरुआत हो रही है। इस कारण इन 8 दिनों में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाएगा। आइए जानते हैं कि 24 फरवरी के दिन का शुभ समय क्या है?
24 फरवरी का पंचांग
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
24 फरवरी को सूर्य का उदय सुबह 06:51 बजे और सूर्यास्त शाम 06:18 बजे होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 10:58 बजे और चन्द्रास्त 25 फरवरी की रात 01:40 बजे होगा।
आज का पंचांग
आज शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह 07:01 बजे तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होकर 25 फरवरी को प्रातः 04:51 बजे तक रहेगी तथा तत्पश्चात नवमी तिथि आरंभ होगी। नक्षत्र के रूप में कृत्तिका नक्षत्र दोपहर 03:07 बजे तक रहेगा, इसके बाद रोहिणी नक्षत्र प्रभावी होगा। योग की बात करें तो इन्द्र योग सुबह 07:24 बजे तक रहेगा। इसके बाद वैधृति योग 25 फरवरी को प्रातः 04:26 बजे तक रहेगा और तत्पश्चात विष्कम्भ योग प्रारंभ होगा।
करण के अनुसार वणिज करण सुबह 07:01 बजे तक रहेगा। इसके बाद विष्टि करण शाम 05:56 बजे तक रहेगा। तत्पश्चात बव करण 25 फरवरी को प्रातः 04:51 बजे तक रहेगा और फिर बालव करण प्रारंभ होगा।
वार एवं पक्ष
आज मंगलवार है और शुक्ल पक्ष चल रहा है।
चन्द्र मास, सम्वत एवं संवत्सर
आज विक्रम सम्वत 2082 (कालयुक्त) और शक सम्वत 1947 (विश्वावसु) रहेगा। गुजराती सम्वत 2082 (पिंगल) मान्य रहेगा। चन्द्र मास के अनुसार फाल्गुन मास (पूर्णिमांत) तथा फाल्गुन मास (अमांत) रहेगा। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 03:07 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद सिद्धार्थी संवत्सर प्रारंभ होगा।
राशि तथा नक्षत्र
चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित हैं। कृत्तिका नक्षत्र का तृतीय चरण प्रातः 09:29 बजे तक तथा चतुर्थ चरण दोपहर 03:07 बजे तक रहेगा। इसके बाद रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ होगा, जिसका प्रथम चरण रात्रि 08:45 बजे तक तथा द्वितीय चरण 25 फरवरी को प्रातः 02:23 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात तृतीय चरण प्रारंभ होगा। सूर्य कुम्भ राशि में विराजमान हैं और शतभिषा नक्षत्र के द्वितीय चरण में स्थित हैं।
ऋतु तथा अयन
द्रिक गणना के अनुसार वसंत ऋतु तथा वैदिक गणना के अनुसार शिशिर ऋतु का प्रभाव रहेगा। उत्तरायण जारी रहेगा। दिनमान 11 घंटे 26 मिनट 02 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 32 मिनट 58 सेकंड रहेगा। मध्याह्न काल दोपहर 12:34 बजे रहेगा।
24 फरवरी के दिन का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:11 बजे से 06:01 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:36 बजे से 06:51 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से 12:57 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 बजे से 03:15 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:15 बजे से 06:40 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:18 बजे से 07:33 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 12:51 बजे से 02:22 बजे तक
निशिता मुहूर्त: 25 फरवरी की रात 12:09 बजे से 12:59 बजे तक
त्रिपुष्कर योग: सुबह 06:51 बजे से 07:01 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:51 बजे से शाम 03:07 बजे तक
24 फरवरी के दिन का अशुभ समय
राहुकाल: शाम 03:26 बजे से 04:52 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 09:43 बजे से 11:09 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:34 बजे से 02:00 बजे तक
आडल योग: सुबह 06:51 बजे से दोपहर 03:07 बजे तक
ज्वालामुखी योग: सुबह 07:01 बजे से दोपहर 03:07 बजे तक तथा 25 फरवरी को सुबह 04:51 बजे से 06:50 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 09:09 बजे से 09:54 बजे तक तथा रात्रि 11:19 बजे से 12:09 बजे (25 फरवरी) तक
वर्ज्य: 25 फरवरी को सुबह 06:08 बजे से 07:38 बजे तक
भद्रा: सुबह 07:01 बजे से शाम 05:56 बजे तक
बाण के अनुसार 25 फरवरी को रात्रि 01:43 बजे तक अग्नि बाण प्रभावी रहेगा।
आनन्दादि एवं तमिल योग
आज आनन्दादि योग के अंतर्गत गद योग शाम 03:07 बजे तक रहेगा, जिसे अशुभ माना गया है। इसके बाद मातंग योग प्रभावी होगा। तमिल योग में मरण योग शाम 03:07 बजे तक रहेगा, इसके बाद अमृत योग का प्रभाव रहेगा। जीवनम अर्ध जीवन तथा नेत्रम एक नेत्र माना गया है।
निवास और शूल
होमाहुति शुक्र को समर्पित रहेगी। दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा। नक्षत्र शूल पश्चिम दिशा में दोपहर 03:07 बजे से पूर्ण रात्रि तक रहेगा। अग्निवास 25 फरवरी को प्रातः 04:51 बजे तक पृथ्वी पर रहेगा, इसके बाद आकाश में माना जाएगा। चन्द्र वास दक्षिण दिशा में रहेगा। भद्रावास स्वर्ग में सुबह 07:01 बजे से शाम 05:56 बजे तक रहेगा। राहु वास पश्चिम दिशा में रहेगा। शिववास सुबह 07:01 बजे तक भोजन में, उसके बाद 25 फरवरी को प्रातः 04:51 बजे तक श्मशान में तथा तत्पश्चात गौरी के साथ रहेगा। कुम्भ चक्र दक्षिण दिशा में शुभ प्रभाव प्रदान करेगा।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। यह केवल सामान्य सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
