अध्यात्म

आज अमावस है क्या 16 फरवरी 2026, आज ग्रहण लग रहा है क्या, जानें आज या कल सूर्य ग्रहण कब लग रहा है फरवरी में

Aaj amavas hai kya 16 February 2026 (आज या कल ग्रहण कब है फरवरी में), 16 February ko kaun si Tithi hai: 16 फरवरी 2026 को सोमवार है और आज शिवरात्रि व्रत का पारण हो रहा है। आज का सूर्योदय चतुर्दशी तिथि में हुआ है और शाम से अमावस्या की तिथि आरंभ होगी। यहां देखें कि अमावस की तारीख आज से शुरू होगी तो सूर्य ग्रहण कब लग रहा है - आज या कल। सूर्य ग्रहण का सूतक कब से शुरू होगा।

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आज 16 फरवरी 2026 को अमावस्या है क्या

Aaj amavas hai kya 16 February 2026 (आज या कल ग्रहण कब है फरवरी में), 16 February ko kaun si Tithi hai: 16 फरवरी 2026, सोमवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में महाशिवरात्रि व्रत का पारण किया जाएगा। इस दिन सूर्य कुंभ राशि में और चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेंगे। सूर्योदय सुबह 06:59 बजे और सूर्यास्त शाम लगभग 06:12 बजे होगा। राहुकाल सुबह 08:23 बजे से 09:47 बजे तक रहेगा, इसलिए इस समय में शुभ कार्यों से बचना चाहिए। अमृत और शुभ चोघड़िया के समय में व्रत पारण तथा अन्य मंगल कार्य करना विशेष फलदायी माना गया है।

आज 16 फरवरी 2026 को अमावस्या है क्या

अगर आप सर्च कर रहे हैं कि आज अमावस है क्या 16 फरवरी 2026 को? तो आपको बता दें कि 16 फरवरी 2026 को अमावस्या नहीं है। इस दिन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। अमावस्या इसके अगले दिन यानी 17 फरवरी 2026 को पड़ेगी। हिंदू पंचांग के अनुसार अमावस्या वह तिथि होती है जब चंद्रमा पूर्णतः अदृश्य होता है और इसी दिन कई लोग स्नान-दान, पितृ तर्पण और विशेष पूजा करते हैं।

16 फरवरी 2026 को दिन सामान्य रहेगा और किसी बड़े ग्रहण का योग इस तिथि पर नहीं बन रहा है। इसलिए जो लोग आज के दिन अमावस्या या ग्रहण को लेकर असमंजस में हैं, वे निश्चिंत रह सकते हैं।

आज 16 फरवरी 2026 को ग्रहण लग रहा है?

नहीं, 16 फरवरी 2026 को न तो सूर्य ग्रहण है और न ही चंद्र ग्रहण। फरवरी 2026 में सूर्य ग्रहण का कोई भी प्रमुख खगोलीय आयोजन आज भारत में नहीं पड़ रहा है।

आज या कल सूर्य ग्रहण कब है फरवरी 2026

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण लगभग रात में घटित होगा, इसलिए देश में इसका दृश्य प्रभाव नहीं रहेगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां धार्मिक दृष्टि से इसका विशेष प्रभाव नहीं माना जाएगा।

सूर्य ग्रहण का सूतक काल कब से लगता है

धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल में पूजा-पाठ, शुभ कार्य और भोजन बनाने से परहेज किया जाता है। लेकिन यह नियम तभी लागू होता है जब ग्रहण आपके स्थान पर दिखाई दे। चूंकि 17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा।

आज या कल अमावस फरवरी 2026 में कब है

फाल्गुन अमावस्या वर्ष 2026 में 17 फरवरी, मंगलवार को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 फरवरी 2026 को शाम 05:34 बजे से होगी। यह तिथि 17 फरवरी 2026 को शाम 05:30 बजे समाप्त हो जाएगी। इस दिन स्नान-दान और पितृ तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु तिथि के अनुसार शुभ समय में पूजा और धार्मिक कार्य करते हैं।

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मेधा चावला
मेधा चावला author

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वा... और देखें

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