Pune Crime News: जेल जाने के बाद भी सिरफिरे आशिक ने नहीं छोड़ा नाबालिग का पीछा, जेल से भेजा लव लेटर

Pune Crime News: पुलिस ने यह मामला नाबालिग लड़की को अश्लील पत्र लिखने के आरोप में दर्ज किया है। यह मामला तालेगांव दाभाडे पुलिस थाने का है। पुलिस से मुताबिक आरोपी यरवदा जेल में बंद है और वह जेल से अश्लील पत्र भेज रहा था।

Pune Crime News
पुणे में जेल से नाबालिग को लव लेटर भेजने वाले सिरफिरे आशिक पर मुकदमा दर्ज  |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • नाबालिग लड़की को अश्लील पत्र लिखने के आरोप में कैदी पर मामला दर्ज
  • मामला तालेगांव दाभाडे पुलिस थाने का है
  • आरोपी यरवदा जेल में बंद है और वह जेल से अश्लील पत्र भेज रहा है

Pune Crime News: पुणे पुलिस ने पहले से जेल में कैद एक आरोपी पर नया मामला दर्ज किया है। पुलिस ने यह मामला नाबालिग लड़की को अश्लील पत्र लिखने के आरोप में दर्ज किया है। यह मामला तालेगांव दाभाडे पुलिस थाने का है। पुलिस से मुताबिक आरोपी यरवदा जेल में बंद है और वह जेल से अश्लील पत्र भेज रहा था। आरोपी उसी नाबालिग का पीछा करने के आरोप में सजा काट रहा है, जिसको पत्र लिखा है।

पुलिस में यह शिकायत नाबालिग लड़की की मां ने की है। आरोपी कैदी का नाम शिवम विनोद शेल्के (21) है। शिकायतकर्ता के मुताबिक यह तीसरी बार है जब आरोपी शिवम विनोद शेल्के ने उसकी बेटी का पीछा किया है। 

दो बार नाबालिग पर हमला कर चुका है आरोपी कैदी

पुलिस ने कहा है कि दिसंबर 2021 में, शेल्के को लड़की के साथ मारपीट करने के लिए आईपीसी की धारा 354 (जो कोई भी किसी महिला पर हमला करता है या आपराधिक बल का इस्तेमाल करता है, उसका शील भंग करने का इरादा रखता है) के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन जमानत पर छूट गया। फिर फरवरी 2022 में शेल्के को लड़की पर हथौड़े से हमला करने के आरोप में धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत गिरफ्तार किया गया और अब यह उनका तीसरा अपराध है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शेल्के फिलहाल उसी लड़की की हत्या के प्रयास के आरोप में यरवदा जेल में सजा काट रहा है।

शक के दायरे में जेल प्रशासन

पुलिस सब-इंस्पेक्टर एस शिम्पाने ने कहा है कि, शेलके जेल से लेटर भेजकर उसकी ताकझांक कर रहा था और उसके मन में आतंक पैदा करने की कोशिश कर रहा था। उसके खिलाफ पहले भी दो मामले दर्ज किए जा चुके हैं और यह तीसरा है जो गंभीर है। तालेगांव दाभाडे पुलिस ने अभी तक यरवदा जेल प्रशासन को पत्र नहीं लिखा है और इस मामले में और जानकारी मांगी गई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही जेल प्रशासन से संपर्क कर डिटेल हासिल करेंगे। यरवदा जेल प्रशासन के अनुसार, सभी कैदियों के सभी लेटर को यार्ड जेलर द्वारा सेंसर किया जाता है, उसके बाद ही संबंधित पते पर भेजा जाता है। 'सेंसर' की मुहर के बिना कोई पत्र नहीं भेजा जा सकता है। फिलहाल तलेगांव दाभाडे पुलिस ने धारा 354 डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया है। पीएसआई शिम्पाने मामले की आगे जांच कर रही है।

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