भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा ने संन्यास का ऐलान कर दिया है। पुजारा भारत के टॉप स्कोरर रहे हैं और उनके बाद से नंबर 3 का स्पॉट कोई भी खिलाड़ी अच्छे से नहीं भुना पाया है।
गौतम गंभीर की कोचिंग का रिकॉर्ड टेस्ट में कुछ खास नहीं रहा है। उनकी कोचिंग में भारत को पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ घर पर और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विदेश में हार मिली वहीं इंग्लैंड के खिलाफ वे सीरीज बराबर करने में कामयाब रहे।
गौतम गंभीर की कोचिंग में सबसे पहले रविचंद्रन अश्विन ने संन्यास लिया। उन्होंने धोनी की कप्तानी में 6 नवंबर 2011 को डेब्यू किया था और दिसंबर 2025 में संन्यास ले लिया।
अश्विन के बाद भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट को अचानक अलविदा कह दिया। उन्होंने नवंबर 2013 में धोनी की कप्तानी में डेब्यू किया था और मई 2025 में संन्यास ले लिया।
रोहित और अश्विन के बाद चेज मास्टर विराट कोहली ने अपने सबसे पसंदीदा फॉर्मेंट को अचानक छोड़ दिया। उन्होंने धोनी की कप्तानी में 20 जून 2011 को डेब्यू किया था।
पुजारा ने पहला टेस्ट मैच 2010 में खेला था और उन्होंने हाल ही में टेस्ट से संन्यास का ऐलान किया है। पुजारा ने आखिरी मैच 2023 में खेला था और वे हालांकि गंभीर की कोचिंग में नहीं खेले हैं।
रवींद्र जडेजा ने भी धोनी की कप्तानी में डेब्यू किया था लेकिन वे अभी भी खेल रहे हैं और भारतीय टेस्ट टीम का प्रमुख हिस्सा हैं।