पौराणिक काल में कई ऐसी महिलाएं थीं जिनकी खूबसूरती की आज भी मिसालें दी जाती हैं। कहते हैं इनसें सुंदर स्त्रियां आज तक धरती भी नहीं हुईं। इनके चेहरे पर इतनी चमक थी कि जो इन्हें एक बार देखता था वो मंत्रमुग्ध हो जाता था। आइए जानते हैं पौराणिक काल की इन 10 अत्यंत सुंदर स्त्रियों के बारे में।
पौराणिक कथाओं अनुसार अहिल्या अत्यंत ही सुंदर, सुशील और पतिव्रता नारी थीं। उनका विवाह ऋषि गौतम से हुआ था।
दमयंती की खूबसूरती का अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि उनके स्वंववर में वरुणदेव, इंद्रदेव, अग्नदेव तथा यमदेव भी शामिल हुए थे। चारों देवता उनसे विवाह करने की इच्छा रखते थे।
मेनका : कहा जाता है कि मेनका ने अपने रूप और सौंदर्य से तपस्या में लीन विश्वामित्र का ध्यान भंग कर दिया था। विश्वामित्र भी सब कुछ छोड़कर मेनका के ही प्रेम में डूब गए।
रम्भा अपने रूप और सौन्दर्य के लिए तीनों लोकों में प्रसिद्ध थी। कहते हैं कि रम्भा का प्रकट्य समुद्र मंथन से हुआ था। इसीलिए उसे लक्ष्मीस्वरूपा भी कहा जाता है।
समुद्र मंथन से निकले अमृत कलश को पाने के लिए जब दैत्या और देवतओं में जंग छिड़ गई थी तब भगवान विष्णु ने दैत्यों को चकमा देने के लिए मोहिनी रूप धारण किया था। कहा जाता है कि इतनी खूबसूरत महिलाआ को देख कर दैत्य कलश को भूल गए और मोहिनी के रूप को निहारने लगे।
भु श्रीराम की पत्नी माता सीता भी अत्यंत सुंदर स्त्री मानी जाती थीं। पंचवटी में रावण ने जब उन्हें देखा तो वह कुछ समय के लिए तो स्तब्ध हो गया था।
सत्यवती धीवर नामक एक मछुवारे की पुत्री थी। सांवली होने के बावजूद बहुत सुंदर और आकर्षक थीं। इसके आकर्षण के चलते पहले ऋषि पराशर पिघले और उनसे वेद व्यास का जन्म हुआ।
भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी रुक्मणी के सौंदर्य का वर्णन हमें पुराणों में मिलता है। माना जाता है कि रुक्मणी दिखने में इनती खूबसूरत थी कि उन्हें हर कोई देखता रह जाता था।
पौराणिक कथाओं अनुसार द्रौपदी भी अत्यंत खूबसूरत थीं। इनका जन्म यज्ञ से हुआ था इसीलिए उसे याज्ञनी कहा जाता था।
सत्यभामा भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी थीं। सत्यभामा बहुत ही सुंदर थीं।