सितारों का जमावड़ा और उल्का बरसात... कब और कहां देखें अद्भुत घटनाएं जिससे जगमग होगा आसमान

Astronomical Events 2025: अनंत ब्रह्मांड रोमांचक होने के साथ-साथ खतरनाक भी है, लेकिन खगोलविद लगातार ब्रह्मांड से जुड़े रहस्यों से पर्दा उठाने की कोशिशों में जुटे रहते हैं। इस माह रात का आसमान कई अद्भुत घटनाओं की बदौलत जगमग होने वाला है जिसका दीदार आप भी कर सकेंगे, लेकिन उसके लिए आपको सही समय और जगह के बारे में पता होना चाहिए तो चलिए विस्तार से समझते हैं कि इस माह कौन-कौन सी आकाशीय घटनाएं कब और कहां होने वाली हैं, जो आप लोगों को मंत्रमुग्ध कर सकती हैं।

Slideshow/s by: अनुराग गुप्ताUpdated May 4 2025, 16:00 IST
एटा एक्वारिड उल्का बौछार (Eta Aquarids Meteor Shower 2025)01 / 06

एटा एक्वारिड उल्का बौछार (Eta Aquarids Meteor Shower 2025)

एटा एक्वारिड उल्का बौछार आमतौर पर हर साल 19 अप्रैल से 28 मई के बीच सक्रिय होता है, लेकिन 5-6 मई की रात को यह अपने चरम पर होगा। एटा एक्वारिड हैली धूमकेतु के मलबे से पैदा होने वाली दो उल्का बौछारों में से एक है। हैली धूमकेतु को सूर्य की एक परिक्रमा करने में लगभग 76 साल लगते हैं। अगली बार यह पृथ्वी से 2061 में दिखाई देगा। एटा एक्वारिड उल्का बौछार को दक्षिणी गोलार्ध में देखा जा सकेगा, जहां पर प्रति घंटे लगभग 10 उल्काएं नजर आएंगी।

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शनि के छल्ले हो जाएंगे अदृश्य! (Saturn Equinox)

एटा एक्वारिड उल्का बौछार के तुरंत बाद आसमान में शनि ग्रह से जुड़ा एक करिश्मा होने वाला है। यह हर 15 साल में एक बार होता है। दरअसल, सूर्य शनि के बीच से जब चमकता है तो उसके छल्ले एकदम पतने हो जाते हैं जिन्हें देखना काफी मुश्किल होता है। इस घटना को शनि विषुव का नाम दिया गया है, जो इस साल 6 मई को होने वाली है।

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गोलाकार क्लस्टर (Globular Cluster)

गोलाकार क्लस्टर आमतौर पर खुले क्लस्टर से बहुत बड़े होते हैं और गुरुत्वाकर्षण की वजह से बंधे होते हैं। आसान भाषा में कहें तो क्लस्टर तारों का समूह होते हैं और गोलाकार क्लस्टर एक गोल चमकता हुआ गुच्छा होता है जिसमें लाखों तारे तक हो सकते हैं। 11 मई को मेसियर 5 का एक गोलाकार क्लस्टर दिखाई देगा जिसे टेलीस्कोप की मदद से देखा जा सकता है।

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फ्लॉवर मून (Flower Moon 2025)

आसमान में इस माह फ्लॉवर मून नजर आएगा। दरअसल, दुनिया के कई मुल्कों में मई में फूल खिल रहे होते हैं। ऐसे में इस माह होने वाली पूर्णिमा को फ्लॉवर मून के नाम से जाना जाता है। इस साल 12 मई को फ्लॉवर मून नजर आएगा।

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चंद्रमा और शनि आएंगे साथ-साथ

फ्लॉवर मून के बाद आसमान में चंद्रमा और शनि साथ-साथ नजर आएंगे। 22 मई की रात को एक ही फ्रेम में चंद्रमा और शनि ग्रह को देखा जा सकेगा।

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नया चांद (New Moon)

न्यू मून चंद्रमा का वह चरण है जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में एकसीध में चांद मौजूद होता है, लेकिन पृथ्वी को चांद का वह हिस्सा दिखाई देता है जहां सूर्य की रोशनी नहीं पहुंचती है और इस बार 27 मई को न्यू मून नामक आकाशीय घटना होने वाली है।