पाकिस्तान छोड़िए चीन तक के पास नहीं है ब्रह्मोस जैसी मिसाइल, दुश्मन को देती है सिर्फ 30 सेकेंड

दुनिया की सबसे ताकतवर मिसाइलों में से एक ब्रह्मोस, जिसकी ताकत ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया देख चुकी है, वैसी मिसाइल दुनिया के बहुत ही कम देशों के पास है। जिसमें पाकिस्तान और चीन शामिल नहीं है। जिस चीन के भरोसे पाकिस्तान भारत से उलझते रहा है, उस चीन के पास भी ब्रह्मोस जैसी मिसाइल नहीं है। यही कारण है कि चीन भी ब्रह्मोस के नाम से खौफ खाता है। ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता इतनी तेज होती है कि दुश्मन के पास सिर्फ 30 सेकेंड का समय मिलता है।

Authored by: शिशुपाल कुमारUpdated Jul 6 2025, 09:11 IST
क्या पाकिस्तान के पास है ब्रह्मोस जैसी मिसाइलImage Credit : Indian govt/indian army/navy01 / 07

क्या पाकिस्तान के पास है ब्रह्मोस जैसी मिसाइल

नहीं, पाकिस्तान के पास ब्रह्मोस जैसी मिसाइल नहीं है। हीं, पाकिस्तान के पास इस स्तर की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल नहीं है। हालांकि उसने कुछ क्रूज मिसाइलें विकसित की हैं, जिसमें बाबर मिसाइल और रायद। पाकिस्तान की मिसाइलें सबसोनिक हैं, जबकि ब्रह्मोस सुपरसोनिक है, जो उन्हें बहुत तेज, कम समय में लक्ष्य भेदन और इंटरसेप्ट से बचने में अधिक सक्षम बनाती है। पाकिस्तान अब तक ब्रह्मोस जैसी तेज और एडवांस क्रूज मिसाइल विकसित नहीं कर पाया है।

पाकिस्तान ब्रह्मोस से क्यों खाता है खौफImage Credit : Indian govt/indian army/navy02 / 07

पाकिस्तान ब्रह्मोस से क्यों खाता है खौफ

पाकिस्तान ब्रह्मोस मिसाइल से इसलिए खौफ खाता है क्योंकि यह मिसाइल उसकी रक्षा क्षमताओं को चकमा देकर बेहद तेज़ और सटीक हमला करने में सक्षम है। ब्रह्मोस की गति 2.8 से 3.0 मैक है (यानी आवाज की गति से तीन गुना तेज)। इतनी तेज मिसाइल को इंटरसेप्ट (रोकना) करना पाकिस्तान की मौजूदा एयर डिफेंस प्रणाली के लिए लगभग असंभव है। ब्रह्मोस को जमीन, समुद्र, वायु और अब पनडुब्बी से भी लॉन्च किया जा सकता है। यानी भारत चारों दिशाओं से हमला कर सकता है, जिससे पाकिस्तान की सामरिक तैयारी और प्रतिक्रिया समय पर बहुत दबाव पड़ता है।

ब्रह्मोस की सटीकता और विध्वंसक शक्तिImage Credit : Indian govt/indian army/navy03 / 07

ब्रह्मोस की सटीकता और विध्वंसक शक्ति

ब्रह्मोस का CEP (Circular Error Probability) लगभग 1 मीटर है, यानी यह लगभग 100% सटीक निशाना लगाती है। इस पर पारंपरिक और न्यूक्लियर वॉरहेड दोनों लगाए जा सकते हैं (हालांकि भारत इसका प्रयोग पारंपरिक रूप से करता है)। ब्रह्मोस इतनी तेज है कि पाकिस्तान को शायद ही कोई चेतावनी या प्रतिक्रिया समय मिले। इससे भारत को "first strike advantage" मिलता है – यानी वह पहले हमला करके दुश्मन की बड़ी सैन्य संरचनाओं को नष्ट कर सकता है।

पाकिस्तान के पास ब्रह्मोस का क्या है जवाबImage Credit : Indian govt/indian army/navy04 / 07

पाकिस्तान के पास ब्रह्मोस का क्या है जवाब

पाकिस्तान के पास फिलहाल कोई सुपरसोनिक या हाइपरसोनिक मिसाइल नहीं है। एयर डिफेंस में LY-80 मिसाइल सिस्टम है जो सबसोनिक मिसाइलों के खिलाफ तो सक्षम है, लेकिन ब्रह्मोस जैसे तेज हमलों के सामने यह कम प्रभावी है। उनका बाबर और रायद जैसे क्रूज मिसाइल सिस्टम ब्रह्मोस की तुलना में धीमे और कम सटीक हैं।

क्या चीन के पास है ब्रह्मोस जैसी मिसाइलImage Credit : Indian govt/indian army/navy05 / 07

क्या चीन के पास है ब्रह्मोस जैसी मिसाइल

नहीं चीन के पास बी ब्रह्मोस जैसी मिसाइल नहीं है। चीन के पास भी सबसोनिक क्रूज मिसाइल है, सुपरसोनिक नहीं। चीन का YJ-18 (Yingji-18 / Eagle Strike-18) मिसाइल को ब्रह्मोस जैसा दावा किया जाता है, लेकिन वास्तविक में यह ब्रह्मोस से काफी पीछे है। यह सबसोनिक गति से हमला करता है, अंतिम समय में यह सुपरसोनिक होता है, जबकि ब्रह्मोस शुरुआत से लेकर लास्ट तक सुपरसोनिक गति से ट्रैवल करता है। चीन की DF-21D जैसी मिसाइलें अत्यधिक रेंज और गति देती हैं, लेकिन वे क्रूज नहीं, बल्कि ballistic/hypersonic missile हैं – एक अलग श्रेणी में आती हैं।

चीन के पास ब्रह्मोस का क्या है जवाबImage Credit : Indian govt/indian army/navy06 / 07

चीन के पास ब्रह्मोस का क्या है जवाब

चीन पाकिस्तान के मुकाबले ब्रह्मोस को रोकने में आगे है, लेकिन पूरी तरह से वो भी ब्रह्मोस को नहीं रोक सकता। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में लगे चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को ही चकमा देकर ब्रह्मोस ने हमला किया था। चीन के पास ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों को रोकने के लिए लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (SAMs) हैं। HQ-9 की तुलना रूसी S-300 से होती है। लेकिन यह भी ब्रह्मोस को रोकने में कारगर नहीं है। ब्रह्मोस की बहुत तेज़ गति और निचली उड़ान इसे ट्रैक करना कठिन बना देती है।

ब्रह्मोस से घिर रहा चीनImage Credit : Indian govt/indian army/navy07 / 07

ब्रह्मोस से घिर रहा चीन

चीन के कई रणनीतिक प्रतिद्वंदियों और संभावित दुश्मनों के पास या तो ब्रह्मोस मिसाइल है, या वे इसे प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं। इससे चीन की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, क्योंकि ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल उसके सामरिक प्रभाव क्षेत्र को सीधे चुनौती देती है। चीन के संदर्भ में ब्रह्मोस सिर्फ एक मिसाइल नहीं है, बल्कि रणनीतिक दबाव का एक प्रतीक बन चुका है। यह भारत द्वारा "मिसाइल डिप्लोमेसी" का हिस्सा है – जो चीन के क्षेत्रीय प्रभाव को सीमित करने की कोशिश करती है। ब्रह्मोस फिलीपींस के पास है, जिससे चीन का विवाद है। वियतनाम और इंडोनेशिया में ब्रह्मोस खरीदने के लिए लाइन में हैं। इनका भी चीन के साथ विवाद है।

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