DND से फरीदाबाद और सोहना को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर करीब 59 किलोमीटर लंबा है और इसे NH-148NA का हिस्सा बनाया गया है। इसका मकसद दिल्ली से फरीदाबाद होते हुए बिना किसी सिग्नल और शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे हाई-स्पीड सफर की सुविधा देना है। इससे न केवल निजी यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि दिल्ली और हरियाणा के औद्योगिक इलाकों के बीच माल ढुलाई भी तेज होगी।
इस पूरे 59 किलोमीटर लंबे रूट को तीन अलग-अलग निर्माण पैकेज में बांटा गया है। सरकार के मुताबिक पैकेज-2 और पैकेज-3, जो जैतपुर से आगे फरीदाबाद और सोहना की ओर जाते हैं, पूरी तरह तैयार हो चुके हैं और ट्रैफिक के लिए खोल दिए गए हैं। इन हिस्सों के चालू होने से NCR में भीड़-भाड़ कुछ हद तक कम हुई है।
अब सबसे ज्यादा ध्यान पैकेज-1 पर है, जो DND जंक्शन/महारानी बाग से जैतपुर तक करीब 9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है। इस हिस्से का 94 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है और इसे पूरे प्रोजेक्ट का सबसे अहम लेकिन चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार DND-जैतपुर सेक्शन में देरी की मुख्य वजह आगरा नहर के ऊपर बनने वाले स्ट्रक्चर से जुड़ी तकनीकी मंजूरी थी। इसके लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से स्वीकृति लेनी पड़ी, जिसमें अपेक्षा से ज्यादा समय लग गया। अब सभी जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं और निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है।
करीब 1,380 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे आठ लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है, जिसे भविष्य में 12 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसकी डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटा रखी गई है और इसका लक्ष्य दिल्ली-मुंबई के बीच 24 घंटे का सफर घटाकर लगभग 12 घंटे करना है। पूरे प्रोजेक्ट पर अब तक 71,700 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं और कुल निवेश करीब एक लाख करोड़ रुपये के आसपास है।
सरकार ने साफ किया है कि डीएनडी जंक्शन से जैतपुर तक का यह 9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हिस्सा जून 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा। इसके बाद दिल्ली से फरीदाबाद और आगे सोहना तक बिना रुके हाई-स्पीड ड्राइव संभव होगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कुल 1,380 किलोमीटर में से करीब 774 किलोमीटर हिस्सा पहले ही चालू हो चुका है। यानी पूरे प्रोजेक्ट का 82 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। सोहना से दौसा और गुजरात के कई सेक्शन पहले ही लोगों को समय और ईंधन की बड़ी बचत दे रहे हैं। डीएनडी–जैतपुर लिंक के पूरा होते ही NCR में इस मेगा प्रोजेक्ट का असर और साफ दिखाई देगा।