घटना नंदानगर घाट क्षेत्र के कुंतरी लंगाफाली वार्ड में रात करीब 2:30 बजे हुई, जब अचानक बादल फटने से भारी मात्रा में मलबा और पानी गांव की ओर बढ़ आया।
तेज बहाव और मलबे के चलते छह मकान पूरी तरह दब गए। इस दौरान करीब 10 लोग लापता हो गए, जबकि राहतकर्मियों ने दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।
राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, कुंतरी लंगाफाली गांव से आठ और धुरमा गांव से दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल खोजी कुत्तों और मशीनों की मदद से तलाश अभियान चला रहे हैं।
SDRF, NDRF और मेडिकल टीमें मौके पर डटी हुई हैं। तीन एम्बुलेंस भी पहुंचाई गई हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश से राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
मौसम विभाग ने चमोली समेत उत्तराखंड के कई जिलों के लिए 20 सितंबर तक रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ की संभावना जताई है।
देहरादून में हाल ही में हुई बादल फटने की घटना में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। अब चमोली की यह घटना राज्य में आपदा की गंभीरता को और बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक जताया और कहा कि वह लगातार प्रशासन से संपर्क में हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।