बता दें कि चेन्नई मोफस्सिल बस टर्मिनस न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया का भी सबसे बड़ा बस टर्मिनल है।
चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अनुसार चेन्नई मोफस्सिल बस टर्मिनस को 103 करोड़ रु की लागत से बनाया गया था। यहां कुल 180 बस एक बार में आ सकती हैं।
साथ ही 60 बसों की पार्किंग के लिए खाली पार्किंग एरिया भी है। इस बस स्टैंड को 2002 में तैयार किया गया था। ये कुल 36 एकड़ में फैला है।
2018 में इस बस स्टैंड का नाम बदलकर पुरैची थलाइवर डॉ एमजीआर बस स्टैंड कर दिया गया था। इसे चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीएमडीए) ने बनाया था।
चेन्नई मुफस्सिल बस टर्मिनस से रोज लगभग 2000 मुफस्सिल बसें चलती हैं। इसके अलावा, यहां कारों / ऑटो रिक्शा / दो पहिया वाहनों आदि की पार्किंग के लिए अलग से बड़ा पार्किंग एरिया है।
दो पहिया वाहनों की पार्किंग की हाई डिमांड को पूरा करने के लिए इनर रिंग रोड से सटे सीएमबीटी की खाली जगह पर 3000 दो पहिया वाहनों की पार्किंग क्षमता वाले डबल बेसमेंट पार्किंग स्ट्रक्चर का भी निर्माण किया जा रहा है।