Noida Crime: नोएडा STF की बड़ी करवाई, फर्जी कंपनी बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग का खेल खेलने वाले तीन चीनी नागरिक गिरफ्तार

Chinese Citizens Arrested: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ की टीम ने तीन चीनी नागरिक गिरफ्तार किए हैं। ये लोग फर्जी कंपनियां बनाकर पैसों की हेरफेरी कर रहे थे।

Chinese Citizens arrested
फर्जी कंपनी बनाकर हेरफेर करने वाले तीन चीनी नागरिक गिरफ्तार  |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • नोएडा में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
  • एसटीएफ की टीम ने तीन चीनी नागरिक गिरफ्तार किए
  • फर्जी कंपनियां बनाकर पैसों की हेरफेरी कर रहे थे तीनों

Chinese Citizens Arrested: नोएडा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने तीन चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। तीनों पर मनी लांड्रिंग का आरोप है। गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिक फर्जी कंपनियां बनाकर रुपये की हेरा-फेरी कर रहे थे। इससे पहले भी नोएडा पुलिस ने सीतापुर से दो चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। यह मामला भी एसटीएफ को ट्रांसफर कर दिया गया था। जांच का दायरा बढ़ाते हुए एसटीएफ ने सिंडिकेट से जुड़े तीन चीनी नागरिकों को नोएडा के सेक्टर-93 से गिरफ्तार किया है। 

तीनों की पहचान चेन जुफेंग, ल्यू पेनफी व हेंग क्यूचाओ के रूप में हुई है। ये तीनों वीजा खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से यहां रह रहे थे। एसटीएफ को पूछताछ में कागजों में चल रहीं पांच फर्जी कंपनियों की जानकारी मिली है। 

तीनों के हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका 

तीनों आरोपियों के हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। तीनों चीनी नागरिकों के किसी विशेष नंबर की कार चलाने की भी चर्चा है, लेकिन इसे एसटीएफ के एक अधिकारी ने सिरे से खारिज कर दिया है। तीनों पहले गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिक जू फाई और गुजरात के रवि नटवरलाल के करीबी बताए जा रहे हैं। चेन जुफेंग और ल्यू पेनफी ने नगालैंड के पते पर अपना पहचान पत्र, आधार और पैन कार्ड बनवा लिया था। आरोपियों के कब्जे से एसटीएफ ने इन्हें बरामद किया है।

नेपाल बॉर्डर से हुई थी गिरफ्तारी

आपको बता दें कि चीनी नागरिकों के अवैध रूप से भारत में रहने व जासूसी के शक में नेपाल बार्डर से हुई गिरफ्तारी की जांच भी एसटीएफ नोएडा यूनिट कर रही है। रवि और जू फाई की सेक्टर-93 स्थित कंपनी से तीनों आरोपी जुड़े थे। इसके अलावा, घरबरा स्थित चाइनीज क्लब में भी जाते थे। हालांकि, एसटीएफ या अन्य किसी एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि तीनों का क्या मकसद था, लेकिन स्क्रैप कारोबार से मोबाइल के पुर्जे चीन भेजकर हवाला कारोबार, जासूसी और आयात शुल्क फर्जीवाड़े के दृष्टिकोण से जांच की जा रही है। 

जानें क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि 11 जून को नेपाल बॉर्डर से एसएसबी ने चीन के लु लैंग और यूं हेलंग को जासूसी के शक में पकड़ा था। इसके बाद जेपी ग्रींस ग्रेटर नोएडा में रह रहे जू फाई और नगालैंड के रहने वाले पटेखे रेनुओ को गुरुग्राम से पकड़ा था। इनसे पूछताछ के बाद रवि नटवरलाल, मंगेतर इब्बानी, पुष्पेंद्र, अशोक और चीनी नागरिकों की एक के बाद एक गिरफ्तारी जारी है, कई आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

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