Children Police Station: यूपी सरकार की अनोखी पहल, हर जिले में खुलेंगे बाल थाने, नियुक्त होंगे कल्याण अधिकारी

Children Police Station News: उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. प्रियरंजन आशु ने घोषणा की है कि बाल अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश बाल थाने बनेंगे। हर थाने में बाल कल्याण अधिकारी नियुक्त करने के लिए उन्होंने अधिकारियों से सुझाव भी मांगे है।

Children Police Station News
उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग  |  तस्वीर साभार: Twitter
मुख्य बातें
  • डॉ. प्रियरंजन आशु ने घोषणा की
  • हर थाने में बाल कल्याण अधिकारी नियुक्त
  • 15 विभागों के अधिकारियों की संयुक्त समिति

Children Police Station News: बाल अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार खास पहल शुरू करने जा रही है। सरकार ने फैसला किया है कि गौतमबुद्ध नगर सहित राज्य की कई जिलों में बाल थाना खोला जाएगा। इस बात की घोषणा उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. प्रियरंजन आशु ने की है। डॉ. प्रियरंजन आशु हाल ही में नोएडा पहुंचे। यहां उन्होंने महिला थाने का निरीक्षण किया। इसके अलावा पांच थानों के एसएचओ से उनके यहां होने वाले अपराधों के बारे में जानकारी मांगी।

जिसके बाद उन्होंने घोषणा की है कि बाल संरक्षण आयोग नोएडा सहित राज्य के कई जिलों में बाला थाना खोलेगा। हर थाने में बाल कल्याण अधिकारी नियुक्त करने के लिए उन्होंने अधिकारियों से सुझाव भी मांगे है। जिसके बाद इस पर जल्द काम शुरू किया जाएगा। 

'एक युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान

डॉ. प्रियरंजन के अनुसार राज्य के बच्चों को नशे की लत से दूर रखने के लिए 'एक युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 6 महीने तक चलेगा। इसके लिए बाल संरक्षण आयोग 15 विभागों के अधिकारियों की संयुक्त समिति भी बनाएगा। 'एक युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत बेघर और झुग्गियों में रहने वाले बच्चों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा अधिकारियों की संयुक्त समिति इस बात पर भी ध्यान देगी कि बच्चों के शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे से जुड़ी दुकानें न खुली हों। 

बच्चों को शराब बेचने पर सख्त कार्रवाई

इसके अलावा शराब की दुकानों पर 21 साल से कम उम्र के कर्मचारी रखने और बच्चों को शराब बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शराब की दुकानों पर कैमरे और निगरानी सुनिश्चित होगी। साथ ही डॉ. प्रियरंजन ने दावा किया है कि किशोर न्याय अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। बाल अधिकारों के हनन की घटना सामने आने के बाद बाल संरक्षण आयोग के 1098 नंबर पर कॉल कर सूचित कर सकते हैं। शोषण का शिकार बच्चे भी इस हेल्पलाइन से मदद मांग सकते हैं। 

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