ऐप बताएगा फूड की क्वालिटी, एक क्लिक से पता चलेगा ताजा है या बासी

Agriculture App for farmers: Intello Track ऐप को Intello Labs द्वारा तैयार किया गया है। जिसके तहत कृषि उत्पादों के सप्लाई चेन में फूड की क्वालिटी का पता किया जा सकता है।

Food Quality
App से पता चल जाएगी फल, सब्जियों की क्वालिटी 

मुख्य बातें

  • ऐप के जरिए कमोडिटी में मौजूद आर्द्रता, ड्राई मैटर और कीटनाशक की मात्रा का पता किया जाता है।
  • क्वालिटी पता करने के लिए कम से कम 10 मेगा पिक्सल कैमरे वाला स्मार्टफोन के पास होना जरूरी है।
  • डिजिटाइजेशन की वजह से क्वालिटी परखने की लागत भी कम हुई है।

नई दिल्ली: आम तौर पर जब हम सब्जियां, फल या अनाज खरीदने जाते हैं तो इस बात की चिंता रहती है कि हम जो कमोडिटी खरीद रहे हैं। उसकी क्वालिटी कैसी है। वह हमारी सेहत के लिए कैसा है। यह सब अब आप आसानी से पता कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको एक ऐप डाउनलोड करना होगा। और कुछ ही समय में फूड क्वालिटी पता चल जाएगी। हम  Intello Track ऐप की बात कर रहे हैं। इसी खासियत के लिए भारत सरकार की तरफ से उसे 2020 का कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप अवार्ड मिल चुका है।


क्या है Intello Track

भारत सरकार के स्टार्टअप इंडिया पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार Intello Track ऐप को Intello Labs द्वारा तैयार किया गया है। जिसके तहत कृषि उत्पादों के सप्लाई चेन में फूड की क्वालिटी का पता किया जा सकता है। इसके जरिए फूड की कीमत उसकी क्वालिटी के आधार पर तय हो सकती है। साथ ही डिजिटाइजेशन की वजह से क्वालिटी परखने की लागत भी कम हो जाती है। साथ ही पूरी प्रक्रिया में समय की भी बचत होती है।

कैसे काम करता है ऐप

जिस कमोडिटी को उपभोक्ता खरीदना चाहता है, उसकी तस्वीर ऐप के जरिए खींचनी होती है। और ऑनलाइन ही उसकी क्वालिटी या वह कितना ताजा है, इसकी जानकारी मिल जाती है। इस प्रक्रिया में डीप लर्निंग और कंप्यूटर विजन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए कम से कम 10 मेगा पिक्सल कैमरे वाला स्मार्टफोन उपभोक्ता के पास होना जरूरी है। ऐप के जरिए कमोडिटी में मौजूद आर्द्रता, ड्राई मैटर और कीटनाशक की मात्रा का पता किया जाता है। ऐसे में खरीदारी से पहले उपभोक्ता को कमोडिटी के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है। ऐप का फायदा यह है कि एक तो उपभोक्ता कुछ ही समय में यह जान सकता है कि उसके द्वारा खरीदी गई कमोडिटी कितनी ताजी है। दूसरी अहम बात यह है कि क्वालिटी खराब या बासी स्टॉक रखने वाले विक्रेता पर सवाल भी खड़े किए जा सकते हैं।

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