फ्लाइंग टैक्सी जल्द बनेगी हकीकत, ऐसे बदल जाएगी ट्रांसपोर्ट की दुनिया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 21, 2021, 07:57 PM IST

Flying Taxi in India: उड़ने वाली कार का कॉन्सेप्ट मॉडल विनाता एयरोमोबिलिटी (Vinata Aeromobility)ने तैयार किया है। यह दो सीट वाली फ्लाइंग कार होगी। जो कि 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड पर उड़ सकेगी।

फ्लाइंग टैक्सी  जल्द बनेगी हकीकत, ऐसे बदल जाएगी ट्रांसपोर्ट की दुनिया
Photo Credit: Twitter

नई दिल्ली: 26 अगस्त 2021 को जब सरकार ने ड्रोन पॉलिसी जारी की थी, तो उस वक्त ड्रोन इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने दावा किया था कि अब वह दिन दूर नहीं है, जब भारत में उड़ने वाली टैक्सी चलेगी। हालांकि उस वक्त भी यह दावे किसी अचंभे से कम नहीं लगे थे। लेकिन भारत ने उड़ने वाली कार को हकीकत बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। इस बात की जानकारी सोमवार को नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद ट्वीट कर दी है। सिंधिया के अनुसार 'मुझे आप सभी को  यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पहली हाइब्रिड फ्लाइंग कार का कॉन्सेप्ट मॉडल तैयार हो गया है। जल्द ही यह एशिया की पहली उड़ने वाली हाइब्रिड कार बनेगी।

सिंधिया ने इसके बाद एक ट्वीट के जरिए बताया कि जब यह फ्लाइंग कार आपरेशनल हो जाएगी, उसके बाद भारत में टैक्सी के रुप में इसका इस्तेमाल हो सकेगा। इसके अलावा कार्गो डिलिवरी और मेडिकल सेवाओं के लिए, उड़ने वाली कार इस्तेमाल हो सकेगी।

कौन है Vinata Aeromobility 

इस उड़ने वाली कार का मॉडल विनाता एयरोमोबिलिटी (Vinata Aeromobility)ने तैयार किया है। चेन्नई स्थित इस कंपनी ने जो कॉन्सेप्ट मॉडल पेश किया है। वह दो सीट वाली फ्लाइंग कार होगी। जो कि 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड पर उड़ सकेगी। और 100 किलोमीटर के रेंज में ट्रैवल कर सकेगी। खाली फ्लाइंग कार का वजन 990 किलोग्राम है। और वह कुल 1300 किलोग्राम वजन के साथ उड़ सकेगी।

भारत बनेगा ड्रोन हब

इंडिया रोबोटिक्स सॉल्यूशंस (India Robotic Solutions) प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ सागर गुप्ता नौगरिया (Sagar Gupta) कहते हैं "नए ड्रोन नियम भारत में इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर साबित होंगे। नए नियम में 500 किलोग्राम वजन के ड्रोन बनाए जा सकते हैं। ऐसे में  ड्रोन टैक्सी में आसानी से 5-6 लोग बैठ सकेंगे।" सरकार का मानना है कि भारत में 2030 तक ड्रोन हब बनने की क्षमता है।

बदलेगी ट्रांसपोर्ट की दुनिया

अगर सब सही रहा तो ट्रांसपोर्ट की दुनिया में ड्रोन टैक्सी बड़ा बदलाव कर सकती है। जिस तरह अभी शहरों में ओला, उबर जैसी कंपनियां ट्रांसपोर्ट की सुविधा दे रही है। उसी तरह आने वाले दिनों में लोगों को ड्रोन टैक्सी (फ्लाइंग कार) भी ट्रांसपोर्ट की सुविधा दे सकेगी। हालांकि इसके लिए लैंडिंग प्लेटफॉर्म और एयरहाइवे जैसे सिस्टम को तैयार करना होगा। 

हुंडई, बोइंग, वेलोकॉप्टर,ई हांग यून फू जैसी कंपनियां ड्रोन टैक्सी को विकसित कर रही है, 2017 में दुबई में इसका ट्रॉयल भी हो चुका है। और अब भारत में भी हाइब्रिड फ्लाइंग कार का मॉडल विकसित हो रहा है। ऐसे में आप उम्मीद कर सकते हैं, आने वाले समय में शहरों (लोकल सफर) के अंदर भी उड़कर सफर किया जा सकेगा।

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