हार के बाद स्मृति मंधाना ने क्यों उठाई भगवद्गीता, मुश्किल वक्त में कैसे मिली नई ताकत

भगवद्गीता पढ़ने के बाद स्मृति ने भी अपने खेल को इसी नजरिए से देखना शुरू किया। उन्होंने समझा कि हर मैच जीता नहीं जा सकता, लेकिन हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ देना तो संभव है।

Smriti Mandhana on Bhagwad Gita: यूं तो हर कोई जीतना चाहता है, लेकिन जीवन के बड़े सबक तो हार से ही मिलते हैं। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक बड़े टूर्नामेंट में मिली निराशा के बाद उन्होंने खुद को संभालने के लिए ऐसा रास्ता चुना, जिसकी चर्चा अब खेल जगत से लेकर आम लोगों के बीच हो रही है। वह रास्ता था भगवद्गीता।

Smriti Mandhana

स्मृति मंधाना को सबसे बुरे दौर में मिली भगवद्गीता से ताकत

स्मृति मंधाना ने किसी इंटरव्यू में बताया था कि उस सीरीज में हार के बाद उनका मन काफी परेशान था। बार-बार वही पल याद आते थे। ऐसा लग रहा था कि जैसे दिमाग उस हार से बाहर ही नहीं निकल पा रहा है। ऐसे समय में उन्होंने भगवद्गीता पढ़नी शुरू की। धीरे-धीरे उनकी सोच बदलने लगी।

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