Budget Cooking: समय के साथ कई साधारण सी दिखने वाली चीजों में काफी बदलाव आया है। एक समय था जब सोशल मीडिया में लोग महंगे कैफे और विदेशी व्यंजनों के काफी ज्यादा फोटोज और वीडियोज पोस्ट किया करते थे। इसके उलट पिछले कुछ सालों में तस्वीर बदली है। बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के बीच लोग कम पैसे में स्वादिष्ट और पौष्टिक खाना बनाने के तरीके खोज और शेयर कर रहे हैं। यही वजह है कि बजट कुकिंग आज के युवाओं का पसंदीदा ट्रेंड बन गया है।
युवाओं की पहली पसंद बना बजट कुकिंग (Photo: iStock)
ट्रेंड में है बजट कुकिंग
इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसे हजारों वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग कुछ रुपये के बजट में पूरे हफ्ते का खाना तैयार करने या बहुत कम सामग्री से स्वादिष्ट व्यंजन बनाने के तरीके साझा कर रहे हैं।
इस ट्रेंड की सबसे खास बात यह है कि इसमें दिखावा कम और व्यावहारिकता ज्यादा है। लोग अब यह जानना चाहते हैं कि सीमित बजट में पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन कैसे तैयार किया जाए। कई कंटेंट क्रिएटर्स रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों जैसे चावल, दाल, अंडे, आलू और सब्जियों से अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाकर दिखा रहे हैं।
Gen Z के लिए बजट कुकिंग अब कंटेंट क्रिएशन और खुद को बयां करने का एक जरिया बन चुका है। सोशल मीडिया पर किफायती रेसिपी, ग्रोसरी हैक्स और मील-प्रेप (पहले से भोजन की तैयारी) के आइडिया शेयर करना अब उतना ही पॉपुलर हो गया है, जितना कि किसी नए रेस्टोरेंट की तस्वीरें पोस्ट करना।
इसके साथ एक कम्युनिटी वाली भावना भी जुड़ी हुई है। लोग कमेंट सेक्शन में एक-दूसरे को टिप्स देते हैं, किसी सामग्री की जगह दूसरा विकल्प सुझाते हैं और उसी रेसिपी का अपना वर्जन शेयर करते हैं।
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बजट ट्रेंडिंग पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल आर्थिक कारणों से नहीं आया है। कोरोना महामारी के बाद घर पर खाना बनाने की आदत बढ़ी है और युवा पीढ़ी भी अब रसोई में नए प्रयोग करने लगी है। सोशल मीडिया ने इस रुचि को और बढ़ावा दिया है। लोग नई रेसिपी सीख रहे हैं, अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और कम खर्च में स्वादिष्ट खाना बनाने की कला को एक तरह के क्रिएटिव एक्सप्रेशन के रूप में देख रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि पहले जिन व्यंजनों को मजबूरी का खाना माना जाता था, वे अब ट्रेंड का हिस्सा बन रहे हैं। साधारण सामग्री से बने व्यंजन आकर्षक तरीके से परोसे जा रहे हैं और लाखों लोग उन्हें पसंद कर रहे हैं। कई लोग इसे स्मार्ट कुकिंग और एफोर्डेबल फूड का नाम भी दे रहे हैं।
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क्या है न्यूट्रिशनिस्ट्स की सलाह
वैसे न्यूट्रिशनिस्ट के ये सलाह भी है कि इंसान के लिए भोजन का महज सस्ता होना ही पर्याप्त नहीं है। खाने में प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। इसलिए दाल, बीन्स, अंडे और हरी सब्जियों को भोजन में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर, बजट कुकिंग बदलती जीवनशैली का उदाहरण बन चुकी है। यह दिखाती है कि स्वादिष्ट और अच्छा खाना बनाने के लिए महंगे सामान की नहीं, थोड़ी समझदारी और रचनात्मकता की जरूरत होती है।
