Royal Rasoi: क्यों शाहजहां के लिए पकने वाले चावल के हर दाने पर लगता था चांदी के तेल का लेप

Royal Rasoi (रॉयल रसोई): शाहजहां का दस्तरखान मुगलों की समृद्धि, कला और पाक परंपरा का प्रदर्शन भी था। इसीलिए आज भी मुगलई व्यंजनों की चर्चा होती है तो शाहजहां के शाही स्वाद का जिक्र जरूर किया जाता है।

Royal Rasoi (रॉयल रसोई): शाहजहां मुगल साम्राज्य का पांचवा बादशाह था। शाहजहां के शासन काल को मुगलिया सल्तनत का सबसे सुनहरा दौर माना गया है। ताजमहल जैसी इमारत का निर्माण करवाने वाले शाहजहां की शख्सियत का एक बेहद दिलचस्प पहलू उसके अनोखे खानपान और भोजन के लिए खास लगाव भी था। टाइम्स नाउ नवभारत की खास सीरीज रॉयल रसोई के आज के अंक में शाहजहां के बिरयानी प्रेम पर नजर डालेंगे।

Royal Rasoi Shahjahan

बिरयानी और पुलाव का बड़ा शौकीन था शाहजहां (AI Image)

शाहजहां के शाही दस्तरखान पर रोज ऐसे-ऐसे व्यंजन सजते थे, जिनकी खुशबू और स्वाद दूर-दूर तक चर्चा का विषय बन जाते थे। इतिहासकारों के अनुसार शाहजहां के महल की रसोई में सैकड़ों रसोइए काम करते थे, जो फारसी, तुर्की, कश्मीरी और भारतीय पाक शैलियों का अनूठा संगम पेश करते थे।

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