Monsoon Ceiling Fan Dust Allergy: बारिश का मौसम आते ही घरों में ठंडक तो बढ़ जाती है, लेकिन नमी भी बढ़ने लगती है। ऐसे में घर के अंदर कई ऐसी चीजें होती हैं, जो बिना दिखे हमारी सेहत पर असर डाल सकती हैं। इनमें सबसे आम है सीलिंग फैन। अक्सर हम पंखा तो रोज चलाते हैं, लेकिन उसके ऊपर जमी धूल की तरफ ध्यान नहीं देते। बारिश के मौसम में यही धूल नमी के साथ मिलकर एलर्जी की वजह बन सकती है। जैसे ही पंखा चलता है, धूल के बेहद छोटे-छोटे कण पूरे कमरे में फैल जाते हैं और सांस के साथ शरीर के अंदर चले जाते हैं। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन डॉ. के. सेशी किरण कहते हैं कि मॉनसून में थोड़ी-सी सावधानी और घर की नियमित सफाई से एलर्जी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
गंदा पंखा भी बन सकता है एलर्जी की वजह
बारिश में सीलिंग फैन से एलर्जी का खतरा क्यों बढ़ जाता है
डॉ. के. सेशी किरण बताते हैं कि बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है। यह नमी घर के अंदर धूल, फंगस और दूसरे एलर्जी पैदा करने वाले कणों को तेजी से बढ़ने का मौका देती है। सीलिंग फैन की पंखुड़ियों पर पहले से जमी धूल, फूलों के बारीक कण और पालतू जानवरों के छोटे-छोटे बाल भी जमा रहते हैं। जब पंखा चलता है, तो ये सभी कण हवा में उड़ जाते हैं और सांस के जरिए हमारे शरीर में पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि मॉनसून में एलर्जी की शिकायतें बढ़ने लगती हैं।
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किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है
अगर किसी को पहले से धूल से एलर्जी रहती है, बार-बार छींक आती है, साइनस की परेशानी है या सांस से जुड़ी कोई पुरानी दिक्कत है, तो बारिश के मौसम में उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। ऐसे लोगों में सीलिंग फैन से उड़ने वाली धूल और नमी मिलकर परेशानी को और बढ़ा सकती है। इसलिए उनके लिए घर का साफ और सूखा रहना बहुत जरूरी है।
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एलर्जी होने पर शरीर क्या संकेत देता है
अगर पंखे से उड़ने वाली धूल शरीर को नुकसान पहुंचा रही है, तो इसके संकेत जल्दी दिखाई देने लगते हैं। बार-बार छींक आना, नाक बहना या बंद होना, आंखों में खुजली या पानी आना, गले में खराश, लगातार खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों में यह परेशानी इतनी बढ़ सकती है कि उन्हें सीने में जकड़न महसूस होने लगती है। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
एलर्जी से बचने के लिए घर में क्या करें
डॉ. के. सेशी किरण सलाह देते हैं कि बारिश के मौसम में सीलिंग फैन की सफाई नियमित रूप से करें। धूल साफ करने के लिए सूखे कपड़े की बजाय हल्का गीला माइक्रोफाइबर कपड़ा इस्तेमाल करें, ताकि धूल हवा में न फैले। घर में नमी ज्यादा न रहने दें, कमरों में हवा आने-जाने की व्यवस्था रखें और अगर कहीं पानी टपक रहा हो या दीवारें गीली हों तो उन्हें जल्दी ठीक करवाएं। बेडरूम और ड्रॉइंग रूम जैसी जगहों की नियमित सफाई भी एलर्जी का खतरा कम करती है।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है
अगर साफ-सफाई के बावजूद छींक, खांसी या सांस लेने में दिक्कत लगातार बनी रहे, या सांस फूलने और सीने में जकड़न जैसी परेशानी महसूस हो, तो डॉक्टर से जरूर मिलें। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या सांस की बीमारी है, उन्हें अपनी डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं समय पर लेते रहना चाहिए। डॉ. के. सेशी किरण कहते हैं कि मॉनसून में सिर्फ थोड़ी-सी सावधानी, नियमित सफाई और घर के अंदर साफ हवा बनाए रखने से एलर्जी के खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।
