कई बड़े सपनों की शुरुआत किसी बड़े मंच से नहीं, बल्कि घर के छोटे-छोटे पलों से होती है। कुछ ऐसा ही सफर रहा मिस दिवा सुप्रानेशनल 2025 (Miss Diva Supranational 2025) अवनी गुप्ता का। आगरा की रहने वाली अवनी आज Miss Supranational 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पोलैंड जाने की तैयारी कर रही हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने की शुरुआत बचपन में घर पर मां के साथ रैंप वॉक की प्रैक्टिस से हुई थी। कभी कॉर्पोरेट ऑफिस में लैपटॉप के सामने बैठकर काम करने वाली अवनी आज दुनिया के सबसे बड़े ब्यूटी पेजेंट्स में से एक के मंच पर भारत का नाम रोशन करने जा रही हैं। उनके इस सफर में मेहनत, परिवार का भरोसा और समाज के लिए कुछ करने का जज़्बा तीनों साथ-साथ चलते हैं।
मां के अधूरे सपने से मिली अपने सपने को उड़ान
अवनी गुप्ता बताती हैं कि उनकी मां भी कभी मिस इंडिया बनकर भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती थीं। हालांकि, हालात की वजह से उनका सपना पूरा नहीं हो सका। लेकिन उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को कभी रुकने नहीं दिया। बचपन में मां के साथ घर पर रैंप वॉक की प्रैक्टिस करते-करते अवनी के मन में भी यही सपना बस गया। आज वह मानती हैं कि उनके इस सफर में उनकी मां का सपना भी शामिल है।
ऑडिटर से ब्यूटी क्वीन बनने का आसान नहीं था फैसला
अवनी ने मॉडलिंग में आने से पहले डेलॉइट में ऑडिटर के तौर पर सफल करियर बनाया था। दिनभर नंबरों के बीच काम करने वाली अवनी के लिए कैमरे के सामने आना बिल्कुल नया अनुभव था। वह कहती हैं कि इस बदलाव ने उन्हें खुद को नए तरीके से समझने का मौका दिया। उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपने बचपन के सपने को चुना और आज उसी फैसले की वजह से वह Miss Supranational 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
परिवार ने हर कदम पर दिया पूरा साथ
अवनी मानती हैं कि अगर परिवार का साथ नहीं मिलता तो शायद यह सफर इतना आसान नहीं होता। शुरुआत में उन्हें खुद डर था कि परिवार कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के फैसले को कैसे देखेगा, लेकिन हुआ बिल्कुल उल्टा। उनके पिता हर दिन अपनी बेटी के लिए WhatsApp स्टेटस लगाते हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन हमेशा उनका हौसला बढ़ाती रहती हैं। परिवार का यही भरोसा उन्हें हर मुश्किल समय में मजबूत बनाता है।
सिर्फ ताज नहीं, समाज के लिए भी है एक बड़ा सपना
अवनी का लक्ष्य सिर्फ ब्यूटी पेजेंट जीतना नहीं है। कॉलेज के दौरान दृष्टिबाधित छात्रों के साथ काम करने का अनुभव उनकी जिंदगी का अहम मोड़ बना। इसके बाद उन्होंने 'Beyond Sight, Beyond Limits' नाम से एक पहल शुरू की। इस पहल के जरिए वह दृष्टिबाधित लोगों को करियर गाइडेंस, काउंसलिंग और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही हैं। अब उनकी इच्छा है कि Miss Supranational का मंच इस पहल को दुनिया तक पहुंचाने का जरिया बने।
दुनिया को भारत की पहचान दिखाना चाहती हैं अवनी
अवनी का कहना है कि वह सिर्फ एक प्रतियोगी बनकर नहीं, बल्कि भारत की प्रतिनिधि बनकर मंच पर उतरेंगी। वह चाहती हैं कि दुनिया भारत की मेहमाननवाजी, संस्कृति और अपनापन करीब से महसूस करे। इसी सोच के साथ वह हर प्रतियोगी और आयोजक से जुड़कर भारत की सकारात्मक तस्वीर दुनिया के सामने रखना चाहती हैं।
युवाओं के लिए दिया खास संदेश
अवनी कहती हैं कि वह भी एक सामान्य परिवार से आती हैं और उनके परिवार में पेजेंट की दुनिया में कदम रखने वाली पहली सदस्य हैं। उन्हें इस इंडस्ट्री की ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपने सपने पर भरोसा रखा। उनका मानना है कि अगर आप बड़े सपने देखते हैं, तो सबसे पहले अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने की हिम्मत जुटानी होगी। मेहनत और भरोसे के साथ कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।
31 जुलाई और 1 अगस्त को होने वाले Miss Supranational 2026 के मंच पर अब करोड़ों भारतीयों की नजरें अवनी गुप्ता पर होंगी। घर में रैंप वॉक की छोटी-सी शुरुआत से लेकर ग्लोबल स्टेज तक का उनका यह सफर बताता है कि जब इरादे मजबूत हों और परिवार का साथ मिले, तो सपनों की मंजिल दूर नहीं रहती।
