लाइफस्टाइल

Kumar Vishwas Love Shayari: Valentine Day पर महबूब तक पहुंचाएं दिल की बात, भेजें प्रेम पर कुमार विश्वास की कविता, शायरी हिंदी में

Kumar Vishwas Love Shayari in Hindi : कुमार विश्वास अपनी कविताओं और शायरी की बदौलत युवाओं के दिलों पर राज करते है। कुमार विश्वास की हर कविता और शायरी सीधे दिल में उतरती है। वैलेंटाइन डे (Valentine Day) के मौके पर आज हम आपको उनकी कुछ लव शायरी के बताने जा रहे हैं जिसके जरिए आप अपनी मोहब्बत का इजहार कर सकते हैं।

Image

Kumar Vishwas Love Shayari in Hindi

Kumar Vishwas Love Shayari in Hindi (कुमार विश्वास की प्रेम शायरी, कविताएं हिंदी में): वैलेंटाइन्स डे हर प्रेमी इंसान के लिए बहुत खास होता है। इश्क में डूबे लोग इस दिन का पूरे साल इंतजार करते हैं। वैलेंटाइन डे पर पूरी दुनिया इश्क के रंग में रंगी नजर आती है। चारों ओर फिजाओं से मोहब्बत के फूलों की खुशबू आती है। और जब बात मोहब्बत की हो तो कुमार विश्वास की प्रेम कविताओं का जिक्र आ ही जाता है। वैलेंटाइन डे के इस खास मौके पर पढ़ें और अपने प्रेमी प्रेमिका को भेजें कुमार विश्वास की प्रेम पर शायरी और कविता हिंदी में:

Kumar Vishwas Love Shayari for Valentine Day

1. कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है

मगर धरती की बैचेनी को बस बादल समझता है

मै तुझसे दूर कैसा हुँ तू मुझसे दूर कैसी है

यह तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है

2. ये तेरी बेरुख़ी की हम से आदत ख़ास टूटेगी,

कोई दरिया न ये समझे कि मेरी प्यास टूटेगी,

तेरे वादे का तू जाने मेरा वो ही इरादा है,

कि जिस दिन साँस टूटेगी उसी दिन आस टूटेगी

3. ताल को ताल की झंकृति तो मिले

रूप को भाव की अनुकृति तो मिले

मैं भी सपनों में आने लगूँ आपके

पर मुझे आपकी स्वीकृति तो मिले

4. पुराने दोस्त जमे हैं मुंडेर पर छत की,

ये शाम रात से पहले ढली-ढली सी लगे,

तुम्हारा ज़िक्र मिला है नरम हवा के हाथ,

हमें ये जाड़े की आमद भली-भली सी लगे

कुमार विश्वास की दीवाना शायरी

5. सारे गुलशन में तुझे ढूँढ के मैं नाकारा,

अब हर इक फूल को ख़ुद अपना पता देता हूँ,

कितने चेहरों में झलक तेरी नज़र आती है,

कितनी आँखों को मैं बेबात जगा देता हूँ

6. कितना मुश्किल है ख़ुद को ही ख़ुद के

दिल की सीपी में ढाल कर रखना

आप के पास तो लाखों होंगे

मेरे वाला सँभाल कर रखना...!

Kumar Vishwas Shayari Koi Deewana Kehta Hai (कोई दीवाना कहता है)

7. हमें क्या ग़म है ये ग़म को पता न चला,

हमारी चश्म-ए-नम को पता न चला,

किसी के आने की हम को ख़बर न हुई,

किसी के जाने का हम को पता न चला

8. तुम्हीं पे मरता है ये दिल, अदावत क्यों नहीं करता

कई जन्मों से बंदी है, बग़ावत क्यों नहीं करता

कभी तुमसे थी जो, वो ही शिकायत है ज़माने से

मेरी तारीफ़ करता है, मुहब्बत क्यों नहीं करता

Kumar Vishwas Shayari Love

9. तू मगर मैं तेरे पास हूँ

दिल है गर तू तो दिल का मैं एहसास हूँ

प्रार्थना या इबादत या पूजा कोई

भावना है अगर तू मैं विश्वास हूँ

तुम्हारा प्यार लड्डुओं का थाल है

जिसे मैं खा जाना चाहता हूँ

तुम्हारा प्यार एक लाल रूमाल है

जिसे मैं झंडे-सा फहराना चाहता हूँ

तुम्हारा प्यार एक पेड़ है

जिसकी हरी ओट से मैं तारों को देखता हूँ

तुम्हारा प्यार एक झील है

जहाँ मैं तैरता हूँ और डूबा रहता हूँ

Kumar Vishwas Shayari in Hindi

10. नज़र अक्सर शिकायत आजकल करती है दर्पण से,

थकन भी चुटकियाँ लेने लगी है तन से और मन से,

कहाँ तक हम संभाले उम्र का हर रोज़ गिरता घर,

तुम अपनी याद का मलबा हटाओ दिल के आँगन से..!

11. मैं अपने गीत-ग़ज़लों से उसे पैग़ाम करता हूँ

उसी की दी हुई दौलत उसी के नाम करता हूँ

हवा का काम है चलना, दिए का काम है जलना

वो अपना काम करती है, मैं अपना काम करता हूँ

Love Shayari of Dr Kumar Vishwas

12. हर एक कपड़े का टुकड़ा माँ का आंचल हो नहीं सकता,

जिसे दुनिया को पाना है वो पागल हो नहीं सकता,

जफाओं की कहानी जब तलक इसमें न शामिल हो,

मुहब्बत का कोई किस्सा मुकम्मल हो नहीं सकता..।

13. फिर मेरी याद आ रही होगी

फिर वो दीपक बुझा रही होगी

फिर मेरे फेसबुक पर आकर वो

खुद को बेनूर बना रही होगी

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article