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राजाओं की रसोई से Valentine's Day तक... चॉकलेट ने कैसे तय किया प्यार का सफर

चॉकलेट सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि प्यार, खुशी और अपनापन जताने का जरिया बन चुकी है। इंटरनेशनल चॉकलेट डे पर जानिए इसका इतिहास और क्यों यह आज चॉकलेट हर खास मौके का सबसे मीठा तोहफा बन गई है।

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राजाओं की रसोई से Valentine's Day तक, चॉकलेट ने कैसे तय किया प्यार का सफर
Authored by: Avni Bagrola
Updated Jul 7, 2026, 12:44 IST

कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिनकी मिठास सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यादों, रिश्तों और भावनाओं में भी घुल जाती है। चॉकलेट भी उन्हीं में से एक है। बचपन में अच्छे नंबर आने पर मिली पहली चॉकलेट, किसी दोस्त की सुलह का बहाना, पहली मोहब्बत का छोटा-सा तोहफा या फिर किसी अपने के चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश... हर दौर में चॉकलेट ने बिना कुछ कहे दिल की बात कह दी।

Chocolate

Chocolate

आज यह सिर्फ एक मीठी चीज नहीं, बल्कि खुशी, प्यार, माफी और अपनापन जताने का सबसे आसान जरिया बन चुकी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो चॉकलेट आज हर दुकान और हर घर में आसानी से मिल जाती है, वह कभी दुनिया के सबसे कीमती स्वादों में गिनी जाती थी। शाही महलों से लेकर आम लोगों की जिंदगी तक पहुंचने का इसका सफर सदियों पुराना और बेहद दिलचस्प है। इंटरनेशनल चॉकलेट डे (Chocolate Day) पर जानिए इस मीठी कहानी के अनसुने किस्से।

जंगल के एक फल से शुरू हुई चॉकलेट की कहानी

चॉकलेट की शुरुआत हजारों साल पहले मध्य और दक्षिण अमेरिका के इलाकों से मानी जाती है। वहां कोको (Cocoa) के पेड़ उगते थे। इन पेड़ों के फलों में मौजूद बीजों से एक खास तरह की कड़वी ड्रिंक तैयार की जाती थी। उस समय चॉकलेट मीठी नहीं होती थी। इसमें चीनी नहीं, बल्कि मसाले और जड़ी-बूटियां मिलाई जाती थीं। इसे ताकत बढ़ाने वाला खास पेय माना जाता था।

Chocolate in Royal Era

Chocolate in Royal Era

राजाओं की रसोई में होती थी चॉकलेट

जब चॉकलेट यूरोप पहुंची, तब यह बेहद महंगी चीज मानी जाती थी। शाही परिवारों, बड़े व्यापारियों और अमीर लोगों की दावतों में ही इसे सर्व किया जाता था। कई जगह इसे सोने-चांदी के बर्तनों में परोसने का रिवाज था। यही वजह थी कि चॉकलेट लंबे समय तक शाही रसोई की पहचान बनी रही।

मुगल काल में चॉकलेट का सफर

भारत में मुगल दौर के दौरान पारंपरिक मिठाइयों का बोलबाला था। इतिहासकार मानते हैं कि उस समय चॉकलेट आम लोगों की थाली का हिस्सा नहीं थी। बाद में यूरोपीय व्यापारियों के जरिए भारत में कोको और चॉकलेट से जुड़ी चीजें आने लगे। शुरुआत में यह सिर्फ बड़े शहरों और अमीर वर्क के लोगों तक सीमित रही,लेकिन समय के साथ इसकी लोकप्रियता देश और दुनिया भर में बढ़ती चली गई।

Chocolate Mithai Hamper

Chocolate Mithai Hamper

मिठाइयों को दी टक्कर

आज जन्मदिन हो, शादी की सालगिरह, रक्षाबंधन, दिवाली या नया साल - चॉकलेट लगभग हर मौके पर नजर आती है। पहले जहां मेहमानों को मिठाई का डिब्बा दिया जाता था, वहीं अब खूबसूरत पैकिंग वाली चॉकलेट गिफ्ट करना भी आम बात हो गई है। भारत में रसगुल्ला, गुलाब जामुन, लड्डू और बर्फी जैसी पारंपरिक मिठाइयों की अपनी अलग पहचान रही है। लेकिन चॉकलेट के आने के बाद पूरा गिफ्टिंग ट्रेंड बदल चुका है। खासकर यंगस्टर्स के बीच चॉकलेट गिफ्ट करना एक ट्रेंड बन चुका है।

Valentine's वाला चॉकलेटी प्यार

अगर प्यार का इजहार करना हो तो फूलों के बाद सबसे ज्यादा चॉकलेट ही दी जाती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि चॉकलेट खुशी और अपनापन महसूस कराने वाली चीज मानी जाती है। Valentine's Week में Chocolate Day का अलग से जश्न मनाया जाता है। एक छोटी-सी चॉकलेट भी बिना ज्यादा शब्दों के दिल की बात कह देती है। अक्सर कहा जाता है कि, किसी अच्छे काम या प्यारे पल की शुरुआत कुछ मीठा खाकर करनी चाहिए। यही वजह है कि, प्यार का त्योहार मना रहे कपल्स एक दूसरे के रिश्ते में मिठास घोलने के लिए खास चॉकलेट्स खरीदते हैं।

Valetines Day chocolates

Valetines Day chocolates

भारत की पहली चॉकलेट

भारत की पहली चॉकलेट का श्रेय कैडबरी Dairy Milk को नहीं, बल्कि भारतीय ब्रांड Campco (कैंपको) को दिया जाता है, जिसने 1980 के दशक में भारत में बड़े स्तर पर चॉकलेट का उत्पादन शुरू किया। हालांकि, देशभर में चॉकलेट को लोकप्रिय बनाने का सबसे बड़ा श्रेय Cadbury Dairy Milk को जाता है, जिसने भारतीय बाजार में चॉकलेट खाने और गिफ्ट करने के ट्रेंड को नई पहचान दी।

Chocolate Day 2026

Chocolate Day 2026

भारत में चॉकलेट के बढ़ते क्रेज का एक कारण बेहतरीन मार्केटिंग भी रही है। कई चॉकलेट्स जैसे कैडबरी, किटकैट, मेलोडी का लोगों के खास जुड़ाव है। चॉकलेट्स के साथ इमोशन्स और मिठास बेचने के बाद ही आज चॉकलेट्स, देश और दुनिया के लगभग हर घर का बड़ा हिस्सा है। बेशक ही कई बार इंसान अपनी भावनाएं शब्दों में नहीं कह पाता। ऐसे में एक छोटी-सी चॉकलेट भी रिश्तों में मिठास घोल देती है। बच्चों के लिए इनाम, दोस्तों के लिए सरप्राइज, माता-पिता के लिए प्यार और पार्टनर के लिए खास एहसास। हर रिश्ते में चॉकलेट की अपनी जगह बन चुकी है।

प्रीमियम चॉकलेट का बढ़ता क्रेज

देश और दुनिया भर के बाजारों में अब सिर्फ साधारण चॉकलेट ही नहीं, बल्कि डार्क चॉकलेट, आर्टिजन चॉकलेट, हैंडमेड चॉकलेट और अलग-अलग फ्लेवर वाली प्रीमियम चॉकलेट भी भारी डिमांड में रहती हैं। लोग इन्हें खास मौकों पर गिफ्ट करना पसंद करते हैं। सुंदर पैकेजिंग और नए स्वादों ने चॉकलेट को और खास बना दिया है।

Premium chocolates

Premium chocolates

भारत में चॉकलेट के बढ़ते क्रेज का एक कारण बेहतरीन मार्केटिंग भी रही है। कई चॉकलेट्स जैसे कैडबरी, किटकैट, मेलोडी का लोगों के खास जुड़ाव है। चॉकलेट्स के साथ इमोशन्स और मिठास बेचने के बाद ही आज चॉकलेट्स, देश और दुनिया के लगभग हर घर का बड़ा हिस्सा है। बेशक ही कई बार इंसान अपनी भावनाएं शब्दों में नहीं कह पाता। ऐसे में एक छोटी-सी चॉकलेट भी रिश्तों में मिठास घोल देती है। बच्चों के लिए इनाम, दोस्तों के लिए सरप्राइज, माता-पिता के लिए प्यार और पार्टनर के लिए खास एहसास। हर रिश्ते में चॉकलेट की अपनी जगह बन चुकी है।

चॉकलेट का सफर सिर्फ कोको के एक बीज से शुरू होकर दुनिया भर में मशहूर मिठाई स्वीट तक का नहीं है। यह बदलते समय, बदलती पसंद और रिश्तों की नई भाषा की भी कहानी है। कभी राजाओं की शाही रसोई तक सीमित रहने वाली चॉकलेट आज हर उम्र और हर घर के लोगों की पसंद बन चुकी है। शायद यही वजह है कि इंटरनेशनल चॉकलेट डे सिर्फ एक खाने की चीज का जश्न नहीं, बल्कि उन मीठे पलों का उत्सव भी है, जिन्हें लोग अपनों के साथ बांटना चाहते हैं।

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