Vegetarian diet cancer risk: आज के समय में लोग अपनी हेल्थ को लेकर पहले से कहीं ज्यादा सतर्क हो गए हैं। क्या खाना है, क्या नहीं खाना ये सवाल चलिए अब हर किसी के दिमाग में रहता है। खासकर जब बात कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की आती है, तो लोग हर छोटी-बड़ी चीज पर ध्यान देने लगते हैं। हाल ही में आई एक रिसर्च ने शाकाहारी यानी वेजिटेरियन डाइट को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। इसमें बताया गया है कि प्लांट-बेस्ड खाना अपनाने वाले लोगों में कुछ तरह के कैंसर का खतरा थोड़ा कम देखा गया। लेकिन क्या सच में ऐसा है? और अगर है, तो इसके पीछे वजह क्या है? चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
वेजिटेरियन डाइट और कैंसर का कनेक्शन
वेजिटेरियन डाइट आखिर होती क्या है?
सीधे शब्दों में कहें तो वेजिटेरियन डाइट का मतलब है ऐसा खाना जिसमें फल, सब्जियां, दालें, अनाज, नट्स और बीज शामिल होते हैं, और मांस-मछली से दूरी रखी जाती है। इस तरह का खाना हल्का भी होता है और पोषण से भरपूर भी। इसमें फाइबर, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स होते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
रिसर्च में क्या सामने आया?
यह स्टडी UK Biobank नाम के बड़े हेल्थ डेटाबेस पर आधारित है, जिसमें करीब 4.7 लाख लोगों के डेटा को शामिल किया गया। शोधकर्ताओं ने लोगों की डाइट और उनकी हेल्थ कंडीशन को लंबे समय तक ट्रैक किया। इस रिसर्च को एक इंटरनेशनल मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया, जिसमें साफ तौर पर बताया गया कि शाकाहारी और फिश-आधारित डाइट लेने वालों में कुछ कैंसर का खतरा कम पाया गया।
स्टडी में देखा गया कि जो लोग शाकाहारी डाइट फॉलो करते हैं, उनमें कैंसर का खतरा मांसाहार करने वालों के मुकाबले थोड़ा कम हो सकता है। खासकर आंत से जुड़े कैंसर (कोलोरेक्टल कैंसर) के मामलों में फर्क देखने को मिला। हालांकि यह अंतर बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन हेल्थ के नजरिए से इसे नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।
शरीर को कैसे मिलता है फायदा?
प्लांट-बेस्ड फूड में एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर अच्छी मात्रा में होते हैं। ये दोनों चीजें शरीर के लिए काफी जरूरी हैं। एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में बनने वाले हानिकारक तत्वों को कम करते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर को अंदर से साफ रखने में मदद करता है।
सिर्फ वेजिटेरियन होना ही काफी नहीं
यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है कि सिर्फ शाकाहारी बन जाना ही काफी नहीं है। अगर आपकी डाइट में ज्यादा तला-भुना, पैकेज्ड या मीठा खाना शामिल है, तो नुकसान हो सकता है। हेल्दी रहने के लिए जरूरी है कि आप बैलेंस्ड और साफ-सुथरा खाना खाएं, चाहे वो वेज हो या नॉन-वेज।
लाइफस्टाइल भी निभाता है बड़ा रोल
कैंसर का खतरा सिर्फ खाने से ही नहीं जुड़ा होता। आपकी रोजमर्रा की आदतें भी उतनी ही अहम हैं। जैसे—फिजिकल एक्टिविटी, सही नींद, तनाव को कंट्रोल करना और धूम्रपान से दूरी बनाना। अगर ये चीजें ठीक हैं, तो आप खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।
