Faiz Ahmad Faiz Shayari: कर रहा था ग़म-ए-जहां का हिसाब, आज तुम याद बेहिसाब आए.., पढ़ें फैज़ अहमद फैज़ के 21 खूबसूरत शेर

Faiz Ahmad Faiz Shayari in Hindi 2 line: इरशाद के आज के अंक में हम बात करेंगें मशहूर नगमानिगार फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की। पंजाबी मूल के शायर फैज़ ( Faiz ahmed faiz sher) को नोबेल पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया था। उनपर इस्लामी कट्टरपंथियों ने कम्युनिस्ट होने का आरोप लगाते रहे तो वहीं गैर मुसलमान उन्हें कट्टर इस्लामिस्ट के तौर पर देखते थे। लेकिन कुछ तो बात थी फैज़ की कलम में कि कोई भी उन्हें नजरअंदाज नहीं कर पाया।

Faiz Ahmad Faiz Shayari, Poems, Ghazal in Hindi: फैज़ अहमद फैज़ शेर-ओ-शायरी से सजे फलक के सबसे तमकदार सितारों में से एक थे। उनकी शायरी में अहसास, बदलाव, प्रेम और सुकुन सब कुछ था। वह जहां अपनी क्रांतिकारी नगमों के लिए पसंद किये गए तो वहीं प्रेम में डूबे रसिक रंग को भी उन्होंने अपनी कलम से बखूबी सजाया। मशहूर नगमानिगार फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ ने अपनी रचनाओं से सत्ता को भी ललकारा। फैज़ की कलम में ऐसा जादू था कि लोग बस उसी में खो कर रह जाते थे। पढ़िए फैज़ अहमद पैज़ के कुछ खूबसूरत शेर:

Faiz Ahmed Faiz Poems in Hindi

Faiz Ahmed Faiz Poems in Hindi

1. और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा

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