LIVE BLOG
More UpdatesMore Updates

Gandhi Jayanti 2021 Speech, Quotes: सफलता का कोई शॉर्टकर्ट नहीं, भविष्‍य की चिंताओं में डूबना व्‍यर्थ- जीवन बदल देंगे महात्‍मा गांधी के ये अनमोल विचार

Gandhi Jayanti 2021 Speech, Quotes, Nibandh, Bhashan, Jeevan Parichay in Hindi: महात्‍मा गांधी महज एक नाम नहीं, बल्कि एक विचार हैं, एक सोच हैं। एक ऐसी सोच, जो न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में आज भी प्रासंगिक बनी हुई है और करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है। अहिंसा महात्‍मा गांधी के दर्शन का मूल मंत्र रहा, जिसके बारे में उन्‍होंने कहा था, 'अहिंसा एक दर्शन है, एक सिद्धांत है और एक अनुभव है, जिसके आधार पर समाज को बेहतर बनाया जा सकता है।'
Gandhi Jayanti Speech
तस्वीर साभार:  BCCL
Gandhi Jayanti Speech

Gandhi Jayanti 2021 Speech, Quotes, Nibandh, Bhashan in Hindi: महात्‍मा गांधी का जन्‍मदिवस हर साल पूरी दुनिया में अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत में उन्‍हें राष्‍ट्रपिता का दर्जा प्राप्‍त है, जिन्‍हें लोग प्‍यार से बापू भी बुलाते हैं। इस साल उनकी 152वीं जयंती मनाई जा रही है। उनका जन्‍म 2 अक्टूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था।

Gandhi Jayanti 2021 Quotes, Wishes Images: इन शानदार Quotes से दें गांधी जयंती की बधाई

गांधी जी के अनमोल विचार
-व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है: महात्मा गाँधी

-एक कायर प्यार का प्रदर्शन करने में असमर्थ होता है, प्रेम बहादुरों का विशेषाधिकार है: महात्मा गाँधी

-कर्म प्राथमिकताओं को व्यक्त करता है:  महात्मा गाँधी
गांधी जी के भाषण के अंश

4 फ़रवरी 1916 को बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में भाषण देते हुए गांधी जी ने कहा था, ' ...आप कभी भी सिर्फ़ ज़बानी जमा-ख़र्च से पूरी दुनिया को भारत का संदेश नहीं दे पाएँगे। मैं अपने वक्तव्य भाषणों और लेक्चरों से ऊब गया हूँ। मैं पिछले दो दिनों से जो लेक्चर यहाँ दिए गए हैं उनको अलहदा मानता हूँ, क्योंकि वो ज़रूरी हैं। लेकिन मैं आप को सलाह देने का साहस कर रहा हूँ कि हम लोग भाषण देने के अपने खजाने के आख़िर में पहुँच चुके हैं; यह पर्याप्त नहीं है कि हमारे कान तृप्त हो गए हैं..'

Oct 02, 2021  |  05:33 PM (IST)
'मानवता एक सागर के समान होती है'


महात्मा गांधी का मानवता में गहरा यकीन था उनका कहना था कि-आपको मानवता में विश्वास नहीं खोना चाहिए, मानवता एक सागर के समान होती है, सागर की कुछ बूंदे गंदी हो जाने से पूरा सागर गंदा नहीं होता।
 

Oct 02, 2021  |  03:04 PM (IST)
सफलता का कोई शॉर्टकर्ट नहीं

महात्‍मा गांधी किसी भी लक्ष्‍य तक पहुंचने के लिए सिर्फ कड़ी मेहनत में यकीन रखते थे। उनके लिए सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं था। वह कहा करते थे, 'कुछ लोग सफलता के केवल सपने देखते हैं जबकि अन्य व्यक्ति जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।' वह भविष्‍य की चिंताओं में डूबे रहने वालों को भी आगाह करते थे और कहते थे, 'भविष्य में क्या होगा, मैं यह नहीं सोचना चाहता। मुझे वर्तमान की चिंता है। ईश्वर ने मुझे आने वाले क्षणों पर कोई नियंत्रण नहीं दिया है।'

Oct 02, 2021  |  01:39 PM (IST)
'विचार ही तय करती है नियति'

महात्‍मा गांधी वैचारिक शुद्धता व आत्‍म संबल के प्रबल पक्षधर थे। उनका मानना था कि अच्‍छे विचारों से ही उनके जीवन के मूल्‍य, आदत और फिर नियति तय होती है। इस बारे में उन्‍होंने कहा था, 'आपकी मान्‍यताएं आपके विचार बन जाते हैं, आपके विचार आपके शब्‍द बन जाते हैं, आपके शब्‍द आपके कार्य बन जाते हैं, आपके कार्य आपकी आदत बन जाती है, आपकी आदतें आपके मूल्‍य बन जाते हैं, आपके मूल्‍य आपकी नियति बन जाती है।'

Oct 02, 2021  |  12:39 PM (IST)
महात्‍मा गांधी ने बताया था Independence से कैसे अलग है स्‍वराज

महात्‍मा गांधी स्वरज का मतलब आत्‍म शासन व आत्‍म संयम को मानते थे। उन्‍होंने एक बार 'यंग इंडिया' में स्‍वराज के मायने समझाते हुए लिखा था, 'स्वराज का अर्थ आत्म शासन व आत्म संयम है। अंग्रेजी शब्द इंडेपेंडेंस अक्सर सब प्रकार की मर्यादाओं से मुक्त निरंकुश आजादी व स्वच्छंदता का अर्थ देता है, यह अर्थ स्वराज में नहीं है।'

Oct 02, 2021  |  10:49 AM (IST)
सामाजिक भेदभाव, जाति प्रथा के खिलाफ थे महात्‍मा गांधी

महात्मा गांधी अपने जीवन में न सिर्फ अहिंसा की लड़ाई लड़े, बल्कि छुआछूत, जाति प्रथा व सामाजिक भेदभाव के खिलाफ भी उन्‍होंने संघर्ष किया। स्‍वराज को लेकर उनकी जो संकल्‍पना थी, उसमें उन्‍होंने जाति-धर्म से ऊपर उठने की बात कही थी। 'यंग इंडिया' में उन्होंने लिखा था, 'मेरे… हमारे… अपनों के स्वराज में जाति व धर्म के भेद का कोई स्थान नहीं हो सकता। उस पर शिक्षितों व धनवानों का एकाधिकार नहीं होगा। वह स्वराज सबके लिए, सबके कल्याण के लिए होगा।'

Oct 02, 2021  |  09:54 AM (IST)
शांति को सत्‍य का मार्ग मानते थे महात्‍मा गांधी

महात्‍मा गांधी ने पूरी दुनिया को शांति और अहिंसा का संदेश दिया तो जीवनभर व सत्‍य के मार्ग पर चलने के लिए भी लोगों को प्रेरित करते रहे। उन्‍होंने झूठ को हिंसा का जनक और शांति को सत्‍य का मार्ग बताया था। उनका स्पष्‍ट मानना था, 'शांति का मार्ग सत्य का मार्ग है, सत्यता, शांतिमयता से भी अधिक महत्वपूर्ण है, जबकि झूठ हिंसा का जनक है।'

Oct 02, 2021  |  09:06 AM (IST)
UN महासचिव ने दिया शांति का संदेश

गांधी जयंती के अवसर पर गुजरात के साबरमती आश्रम में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। वहीं संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने महात्‍मा गांधी की 152वीं जयंती पर एक बार फिर शांति का आह्वान किया। महात्‍मा गांधी के जन्‍मदिन को वैश्विक स्‍तर पर अंतरराष्‍ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्‍होंने कहा, 'इस अंतराष्‍ट्रीय अहिंसा दिवस- गांधी जयंती- पर आइये हम उनके  शांति के संदेश पर ध्‍यान दें और सभी के लिए एक बेहतर भविष्‍य के निर्माण की प्रतिबद्धता जताएं।'

Oct 02, 2021  |  08:46 AM (IST)
सोनिया गांधी ने राजघाट जाकर बापू को दी श्रद्धांजलि

कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने राजघाट जाकर महात्‍मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

Oct 02, 2021  |  07:34 AM (IST)
महात्‍मा गांधी को पीएम मोदी की श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 152वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन व आदर्श देश की हर पीढ़ी को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्‍होंने ट्वीट किया, 'राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जन्म-जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। पूज्य बापू का जीवन और आदर्श देश की हर पीढ़ी को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा।'
 

Oct 02, 2021  |  07:00 AM (IST)
'व्यक्ति अपने विचारों के सिवा कुछ नहीं'

महात्‍मा गांधी वैचारिक व आत्मिक शुद्धता पर बहुत जोर देते थे। उनका मानना था कि व्‍यक्ति अपने विचारों से जीवन में ऊंचा उठ सकता है और किसी की भी सोच उसके पूरे व्‍यक्तित्‍व को दर्शाती है। जीवन में वैचारिक महत्‍व को लेकर एक बार उन्‍होंने कहा था, 'व्यक्ति अपने विचारों के सिवा कुछ नहीं है। वह जो सोचता है, वह बन जाता है।'

Oct 02, 2021  |  12:18 AM (IST)
इन संदेशों के जरिए दीजिए गांधी जयंती की शुभकामनाएं

देश के लिए किया सब कुछ त्याग जिसने,
देशभक्ति के लिए छोड़ा विलास जिसने,
पहन काठ की चप्पल आया इक महात्मा,
जो बन गया इस भारत की आत्मा,
गांधी जयंती की शुभकामनाएं।

Gandhi Jayanti 2021 Quotes, Wishes Images: इन शानदार कोट्स से दें गांधी जयंती की बधाई

Oct 01, 2021  |  11:46 PM (IST)
गांधी जी के अनमोल विचार

महात्मा गांधी कहते थे कि 'जब तक आप किसी को वास्तव में खो नहीं देते, तब तक आप उसकी अहमियत नहीं समझते।'  इतना ही नहीं महात्मा गांधी का एक विचार काफी प्रसिद्ध है जो इस प्रकार है, 'मेरा मन मेरा मंदिर हैं ; मैं किसी को भी अपने गंदे पाँव के साथ मेरे मन से नहीं गुजरने दूंगा'

Oct 01, 2021  |  11:08 PM (IST)
गांधी जी प्रमुख विचार

गांधी के कुछ प्रमुख विचार इस प्रकार हैं-
-किसी देश की महानता और उसकी नैतिक उन्नति का अंदाजा हम वहां जानवरों के साथ होने वाले व्यवहार से लगा सकते हैं।
-कमजोर कभी क्षमाशील नहीं हो सकता है. क्षमाशीलता ताकतवर की निशानी है।
-व्यक्ति अपने विचारों के सिवाय कुछ नहीं है. वह जो सोचता है, वह बन जाता है।

Oct 01, 2021  |  10:26 PM (IST)
आजादी मिलने से एक सप्ताह पहले रची गई थी गांधी की हत्या की साजिश : किताब

महात्मा गांधी की हत्या की साजिश 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति से एक सप्ताह पहले ही रच ली गई थी। यह दावा एक नयी किताब में किया गया है जो हत्या के लिए इस्तेमाल की गई बेरेटा पिस्तौल तथा ग्वालियर के एक डॉक्टर द्वारा इसकी व्यवस्था किए जाने सहित पूरी घटना का विवरण पेश करती है। अप्पू एस्थोस सुरेश और प्रियंका कोटमराजू द्वारा लिखी गई किताब ‘द मर्डरर, द मोनार्क एंड द फकीर: ए न्यू इन्वेस्टिगेशन ऑफ महात्मा गांधीज असैसिनेशन’ गांधी की हत्या की परिस्थितियों, इसके कारणों और इसके बाद की जांच आदि पर प्रकाश डालती है।

Oct 01, 2021  |  09:35 PM (IST)
गांधी जी की हत्या के लिए हुआ था इटली निर्मित पिस्टल का इस्तेमाल

नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके लिए उसने इटली निर्मित स्वचालित पिस्तौल का इस्तेमाल किया था। यह बेरेटा सीएएल 9 पिस्तौल थी जिसकी संख्या 719791 थी। 1934 में निर्मित इस पिस्तौल की व्यवस्था ग्वालियर के डॉक्टर दत्तात्रेय पारचुरे ने की थी जिसके बारे में माना जाता है कि उसने हिन्दू राष्ट्र सेना (एचआरएस) की स्थापना की थी।
 

Oct 01, 2021  |  08:54 PM (IST)
राष्ट्रपति ने दी गांधी जयंती की शुभकामनाएं

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और उनसे भारत को महात्मा गांधी के सपनों का देश बनाने का संकल्प लेने को कहा। महात्मा गांधी की 152वीं जयंती की पूर्वसंध्या पर अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि गांधी जयंती सभी भारतीयों के लिये विशेष दिन है। कोविंद ने कहा, ‘यह अवसर पर हम सभी के लिये गांधीजी के संघर्ष और बलिदान को याद करने का मौका है। यह अवसर हमें हमारे देश एवं नागरिकों की समृद्धि एवं विकास के लिये काम करने की प्रेरणा देता है।' 

Oct 01, 2021  |  08:20 PM (IST)
रक्षा मंत्री शनिवार को लक्षद्वीप में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे

लक्षद्वीप के कुछ निर्जन द्वीपों में अशोक स्तंभ लगे होने को छोड़ कर भारत के मुस्लिम बहुल इस द्वीप में अब तक कोई प्रतिमा नहीं लगाई गई थी। लेकिन अब अरब सागर में स्थित देश के इस सबसे छोटे केंद्र शासित क्षेत्र में शनिवार को पहली प्रतिमा लगने जा रही है, जो गांधी जयंती पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की होगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह महात्मा गांधी की 152 वीं जयंती पर कवरत्ती में राष्ट्रपिता की एक प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

Oct 01, 2021  |  07:46 PM (IST)
कुछ ऐसे मनाते थे गांधी जी अपना जन्मदिन


देश ही नहीं दुनिया भी कल यानि 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी का जन्मदिन मनाएगी। अहिंसा के पुजारी का जन्मदिन भी अलग-अलग तरह से देशभर में मनाया जाता लेकिन क्या आपको पता है कि बापू अपना जन्मदिन कैसे मनाते थे? गांधी जी अक्सर अपने जन्मदिन पर चरखा चलाते हुए ईश्वर से प्रार्थना करते थे और अधिकतर समय मौन धारण किए हुए रहते थे। 

Oct 01, 2021  |  07:12 PM (IST)
गांधी जयंती पर भाषण – Gandhi Jayanti Speech


गांधी जयंती पर स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों में अक्सर भाषण प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होते रहता है। इसके लिए गांधी जी के विचारों, उपदेशों को लेकर भाषण दिए जाते हैं। गांधी जी पर बना एक गाना बहुत प्रसिद्ध हुआ जिसके बोल इस प्रकार हैं- 'दे दी हमे आजादी बिना खड़क बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल।'

Oct 01, 2021  |  06:44 PM (IST)
गांधी जी की अनमोल वचन

गांधी जी के कुछ वचन अनमोल हैं जैसे- गांधी जी कहते थे-'आजादी का कोई अर्थ नहीं है यदि इसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हों।' इसके अलावा गांधी जी ने कहा था, 'उफनते तूफ़ान को मात देना है तो अधिक जोखिम उठाते हुए हमें पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा।'