How To Prepare Ganesha Using Rice Seed and Pearls: गणेश चतुर्थी का उत्सव हर साल पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जी का जन्म हुआ था। ऐसे में इस दिन को हर साल गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन 'गणपति बप्पा मोरिया' के जयकारे के साथ गणेश जी की स्थापना की जाती है। इस दिन लोग बाजार से गणपति बप्पा की मूर्ति लेकर घर में स्थापित करते हैं, लेकिन यह मूर्ति केमिकल से बनी होती है, जो वातावरण को प्रदूषित करती है। ऐसे में आप घर पर ही इको फ्रेंडली मूर्ति बना सकते हैं। घर पर बने गणपति की मूर्ति पर्यावरण के लिए भी शुभ होगी और आपके लिए भी। घर पर बनी गणेश जी की मूर्ति को आप चावल, मोती, हल्दी व बीज की सहायता से आसानी से घर पर बना सकते हैं। आइए जानते हैं घर पर बने इको फ्रेंडली गणपति की मूर्ति बनाने का आसान तरीका।
इस तरह से बनाएं इको फ्रेंडली गणेश जी
इको फ्रेंडली गणेश जी बनाने के लिए चावल व बीज ले लें। आप चाहे तो चावल को पीला व लाल रंग से कलर भी कर सकते हैं। इसके बाद साफ लाल कपड़े पर चावल के चार पुंज तीन बराबर क्रम से व एक ऊपर से रखें। इस प्रकार से चार पुंज रखें और फिर एक मुट्ठी चावल लेकर गणपति बप्पा की सूंड बनाएं। इसके बाद अंगूठे की सहायता से गणपति बप्पा के कान बनाएं और फिर सुंदर गणपति बप्पा का आकार दीजिए। इसके बाद आप बीज की सहायता से गणपति बप्पा के आंखों को बनाएं, वहीं बीज से सूंड पर भी धारियां बनाएं। इसके बाद हल्दी से भगवान गणेश के वस्त्र व गले की माला सजाएं। इसके अलावा मोती से गणपति बप्पा का मुकुट सजाएं। सुंदर-सुंदर रंग बिरंगी मोतियां आपको बाजार में मिल जाएंगी। इससे गणपति जी के मुकुट को सजाएं और आप चाहे तो मोतियों से गणपति बप्पा की ज्वेलरी भी बना सकते हैं। यह देखने में बेहद सुंदर लगेगा। इस तरह पांच मिनट में आपके इको फ्रेंडली गणपति जी बनकर तैयार हो जाएंगे। गणेश जी बनाकर आप विधि विधान से पूजा कर सकते हैं और गणपति बप्पा को विदा करने पर आप इन चावल व बीज को मंदिर में दान दे दें।
जरूर अर्पित करें बप्पा को चावल व हल्दी
भगवान गणेश जी की पूजा में अक्षत यानी पवित्र चावल व हल्दी जरूर अर्पित करनी चाहिए। चावल व हल्दी से बने गणेश जी बेहद शुभ माने जाते हैं। ध्यान रहें अगर आप भगवान गणेश जी को चावल अर्पित कर रहे हैं तो गिला चावल ही अर्पित करें। सूखा चावल गणेश जी को नहीं चढ़ाया जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि गणेश जी के एकदंत होने की वजह से सूखा चावल उन्हें तखलीफ दे सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।

