Kids Care: क्या आपका बच्चा बात- बात पर चिल्लाता है, इन टिप्स से करें बच्चे को कूल

Kids Care: छोटे बच्चे कई बार बहुत गुस्सा करते हैं और जोर-जोर से चिल्लाते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों को समझाना बहुत मुश्किल हो जाता है। बच्चे के गुस्सा करने की इस आदत को दूर करने के लिए कुछ आसान सी ट्रिक्स की जा सकती है।

Kids Care
Kids Care Tips 
मुख्य बातें
  • पैरेंट्स अपने व्यवहार पर भी करें गौर
  • बच्चे के ट्रिगर प्वॉइंट को समझें
  • बच्चों की भावनाओं को समझने की करें कोशिश

Kids Care: छोटे बच्चों का समझना और उन्हें अपनी बातें समझाना बहुत मुश्किल होता है। यदि बच्चा आपकी बात को अच्छे से सुनता है, तब तो चिंता वाली कोई बात नहीं, लेकिन कई बार बच्चे बहुत एग्रेसिव हो जाते हैं। ऐसे में उन्हें संभालना और समझाना मुश्किल हो जाता है। कई बार पैरेंट्स की वजह से भी बच्चे तेज चिल्लाने और जोर-जोर से रोने की हरकत करते हैं, जो माता-पिता के लिए शर्मिंदगी की वजह भी बनती है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे बात-बात पर न चिल्लाएं और आपकी बात सुनें, तो आपको कुछ आसान से काम करने होंगे, जो निम्न प्रकार हैं-

बच्चों की देखभाल के टिप्स

बच्चों की भावनाओं को समझें
कई बार मां-पिता बच्चों की भावनाओं को समझ नहीं पाते। ऐसे में बच्चे का गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। बच्चे के गुस्से को शांत करने के लिए पहले ये समझने की कोशिश करें कि आखिर बच्चा गु्स्सा क्यों। एक बार आप कारण जान जाएं तो फिर बच्चे को समझने और समझाने में आसानी होती है।

बच्चे का जिद्दी व्यवहार को ऐसे बदलें
अगर आपका बच्चा जिद्दी स्वभाव का है, तो उसकी हर जिद को पूरा करने की बजाय उसका ध्यान भटकाएं। अगर बच्चा किसी ऐसी चीज की जिद कर रहा है जो उसके लिए सही नहीं है, तो उसका ध्यान भटकाकर उसे कुछ ऐसे टॉयस लाकर दें, जो बच्चे के मानसिक विकास को बढ़ाने का काम करे।

बच्चे की भी सुनें
अगर बच्चा किसी बात पर गुस्सा होकर जोर-जोर से चिल्ला रहा है तो उसे शांत करने के लिए उसकी बातें भी सुनें। कोई भी बातचीत तभी सफल होती है, जब दोनों तरफ से बातें कही और सुनी जाए। ऐसे में बच्चे से जानने की कोशिश करें कि उसकी नाराजगी और चिल्लाने की वजह क्या है।

बच्चे के ट्रिगर प्वॉइंट को समझें
बच्चे के गुस्से की आदत को दूर करने के लिए बच्चे की ऐसी आदतों को समझे, जिससे वो ट्रिगर होता है। साथ ही कोशिश करें कि जिस बात से बच्चा चिढ़ता है, वो उसके सामने न हो।

अपने व्यवहार पर भी करें गौर
बच्चे का स्वभाव और आदतें बहुत हद तक माता-पिता के व्यवहार पर निर्भर करती है। ऐसे में कोशिश करें कि बच्चे के सामने चीखें चिल्लाएं नहीं क्योंकि बच्चा घर में जो देखता है वही सीखता है।

(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता है।)

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