Artemis II Splashdown: आर्टेमिस 2 ने किया लैंड, सभी सुरक्षित, NASA की टीम ने अंतरिक्षयात्रियों को निकाला;
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कहां लैंड हुआ आर्टेमिस
कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन ’मैक 33’ यानी ध्वनि की गति से 33 गुना अधिक रफ्तार से वायुमंडल में दाखिल हुए। ’इंटीग्रिटी’ नामक उनका ओरियन कैप्सूल स्वचालित प्रणाली के सहारे समुद्र में उतरा। मिशन नियंत्रण कक्ष में उस समय तनाव बढ़ गया जब अत्यधिक ताप के दौरान कैप्सूल लाल गर्म प्लाज्मा से घिर गया और तय योजना के अनुसार कुछ समय के लिए उससे संपर्क टूट गया। सबकी निगाहें कैप्सूल की जीवनरक्षक ऊष्मा-रोधी ढाल पर थीं, जिसे पुन: प्रवेश के दौरान हजारों डिग्री तापमान सहना था। मिशन नियंत्रण कक्ष के दर्शक कक्ष में अंतरिक्ष यात्रियों के परिजन भी मौजूद थे। संचार अवरोध की अवधि समाप्त होने के बाद जब कैप्सूल फिर दिखाई दिया और करीब 2,000 मील (3,219 किलोमीटर) दूर समुद्र में उतरा तो लोग खुशी से झूठ उठे।
आर्टेमिस 2 की स्प्लैशडाउन लाइव देखने के लिए यहां क्लिक करें
आर्टेमिस कार्यक्रम का बड़ा उद्देश्य
आर्टेमिस कार्यक्रम का बड़ा उद्देश्य केवल चंद्रमा तक पहुंचना नहीं है, बल्कि वहां लंबे समय तक मानव उपस्थिति स्थापित करना और आगे चलकर मंगल ग्रह जैसी दूर की यात्राओं की तैयारी करना है। इसलिए आर्टेमिस-2 को अंतरिक्ष इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह भविष्य के मानव अंतरिक्ष मिशनों की नींव मजबूत करने वाला मिशन है।
Artemis II Splashdown Live: USS जॉन पी. मुर्था पर पहुंचे अंतरिक्षयात्री
आर्टेमिस II के चारों अंतरिक्ष यात्रियों को स्प्लैशडाउन के बाद ओरियन अंतरिक्ष यान से सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया है, और अब वे USS जॉन पी. मुर्था पर हैं। इसके बाद, उन्हें मेडिकल बे में ले जाया जाएगा, जहाँ उनके मिशन के बाद के मेडिकल टेस्ट किए जाएंगे।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस-2 के सभी अंतरिक्षयात्री सुरक्षित
नासा और अमेरिकी नेवी की टीम ने आर्टेमिस यान में सवार सभी चारों अंतरिक्षयात्रियों को बाहर निकाल लिया है। सभी अंतरिक्षयात्री सुरक्षित हैं।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस 2 से बाहर आए अंतरिक्ष यात्री
Artemis II Splashdown Live: अतंरिक्षयात्रियों को निकालने की हो रही तैयारी
Artemis II Splashdown Live: यान को खोलने की तैयारी
Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस के पास पहुंची रेस्क्यू टीम
नासा की रेस्क्यू टीम समुद्र में आर्टेमिस के पास पहुंच गई है। अब वो यान को खोलनेंगे और अंतरिक्षयात्री को बाहर निकालेंगे।Artemis II Splashdown Live: चांद से धरती पर आर्टेमिस 2 ने किया लैंड, सभी सुरक्षित
आर्टेमिस 2 प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन कर गया है। नासा और अमेरिकी नौसेना की टीम आर्टेमिस-2 यान तक पहुंच रही है।Artemis II Splashdown Live: धरती पर नासा का आर्टेमिस
Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस-2 की उड़ान के दिन 7 से 9 दिन
इन दिनों में अंतरिक्ष यान चंद्रमा के प्रभाव क्षेत्र से बाहर निकलकर पृथ्वी की ओर वापसी की यात्रा शुरू करता है। इस दौरान यान की दिशा को सही बनाए रखने के लिए दो बार प्रक्षेपवक्र सुधार (Trajectory Correction) किए जाते हैं, ताकि वापसी सुरक्षित और सटीक रहे।
Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस-2 की उड़ान का छठा दिन
छठे दिन ओरियन चंद्रमा के सबसे नजदीक पहुंचता है और पृथ्वी से अपनी सबसे अधिक दूरी तय करता है। इसी समय अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के उस हिस्से को देखते और उसकी तस्वीरें लेते हैं, जो पृथ्वी से सीधे दिखाई नहीं देता।Artemis II Splashdown Live: समुद्र में स्प्लैशडाउन होने वाला है
आर्टेमिस-2 की लैंडिंग में बस अब कुछ मिनट बाकी है। 15 मिनट के अंदर आर्टेमिस समुद्र में गिर जाएगा।Artemis II Splashdown Live: धरती पर लौटते वक्त अचानक कहां गायब हो गया आर्टेमिस-2
Artemis II Splashdown Blackout: आर्टेमिस-2 धरती की ओर वापस आ रहा है, कुछ ही देर में पृथ्वी पर लैंड कर जाएगा, लेकिन चांद से धरती तक की इस यात्रा के दौरान ऐसा हुआ कि सभी की सांसे अटक गईं, कुछ देर के लिए आर्टेमिस-2 स्क्रीन पर से गायब हो गया, करीब 6 मिनट तक आर्टेमिस का अता-पता नहीं रहा है। 6 मिनट बाद आर्टेमिस से फिर से संपर्क हो सका और अब उसकी सुरक्षित वापसी हो रही है।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस-2 की उड़ान के दिन 3 से 5
इन दिनों में ओरियन और उसका चालक दल लगातार चंद्रमा की ओर बढ़ता रहता है। पांचवें दिन अंतरिक्ष यान चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र, यानी "मून के प्रभाव क्षेत्र", में प्रवेश कर जाता है, जहां से चंद्रमा का प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस होने लगता है।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस की उड़ान का दूसरा दिन
दूसरे दिन ओरियन का मुख्य इंजन ने एक शक्तिशाली बर्न को अंजाम दिया, जिसे "ट्रांस-लूनर इंजेक्शन" कहा जाता है। इसी प्रक्रिया से अंतरिक्ष यान चंद्रमा की ओर अपनी यात्रा पर आगे बढ़ा। यह बर्न यान को एक विशेष मार्ग, जिसे "फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी" कहा जाता है, पर स्थापित किया। इस मार्ग की खासियत यह है कि यदि इंजन में कोई खराबी आ जाए, तो भी चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण यान को स्वतः पृथ्वी की ओर वापस ले जाता, जिससे मिशन की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस की उड़ान का पहला दिन
मिशन की शुरुआत में आर्टेमिस-2 पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया और पहले निम्न-पृथ्वी कक्षा (Low Earth Orbit) में चक्कर लगाया, फिर एक ऊंची दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पहुंचा। इस दौरान चालक दल ने लगभग 23 घंटे तक ओरियन अंतरिक्ष यान के सभी महत्वपूर्ण सिस्टम की जांच की। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि अंतरिक्ष यान पूरी तरह सुरक्षित है और यदि कोई तकनीकी समस्या सामने आती है, तो उसे पृथ्वी के पास रहते हुए ही ठीक किया जा सके। इसी चरण में अंतरिक्ष यात्रियों को यान को मैन्युअल मोड में संचालित करने का अभ्यास भी कराया गया।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस की कुल 10 दिनों की उड़ान
Artemis II की उड़ान कुल 10 दिनों की है, जिसमें अंतरिक्ष यान Orion spacecraft पृथ्वी से चंद्रमा तक जाकर सुरक्षित रूप से वापस लौटता है। इस पूरी यात्रा को अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाता है।Artemis II Splashdown Live: स्प्लैशडाउन की तैयारी मेंं आर्टेमिस-2
Artemis II के अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर उड़ रहा Orion spacecraft अब चंद्रमा के चारों ओर अपनी लगभग 10 दिन की यात्रा पूरी करने के बाद पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करने और Pacific Ocean में सुरक्षित लैंडिंग (स्प्लैशडाउन) की तैयारी कर रहा है।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस ने अपोलो का कौन सा रिकॉर्ड तोड़ा
नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा की ओर उड़ान के दौरान पृथ्वी से सबसे दूर तक जाने वाले मानव बनने का सोमवार को रिकॉर्ड बना दिया। यह मिशन चांद के दूरस्थ पक्ष के अद्भुत दृश्य पेश करता है, जिन्हें कभी भी पहले नहीं देखा गया।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस-2 के अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी की शानदार तस्वीरें ली
Artemis II Splashdown Live: कब अंतरिक्ष में गया था आर्टेमिस-1
आर्टेमिस 1 के प्रक्षेपण के बाद से तीन साल से अधिक समय बीत चुका है। उस समय आर्टेमिस 1 कैप्सूल में कोई भी मनुष्य सवार नहीं था। उसमें जीवन रक्षक उपकरण और पानी की व्यवस्था करने वाला यंत्र एवं शौचालय जैसी अन्य आवश्यक सुविधाएं मौजूद नहीं थीं। ये प्रणालियां आर्टेमिस 2 के जरिए अंतरिक्ष में पहली बार इस्तेमाल हो रही हैं, जिससे जोखिम बढ़ गया है।Artemis II Splashdown Live: चंद्रमा पर आर्टेमिस ने नहीं किया लैंड
अंतरिक्ष यात्री अपनी 10 दिवसीय परीक्षण उड़ान के पहले 25 घंटे पृथ्वी के करीब ही रहे, पृथ्वी के चारों ओर कक्षा में कैप्सूल की जांच की और फिर मुख्य इंजन को चालू करेंगे जो उन्हें चंद्रमा तक ले गए। वे न तो चंद्रमा पर रुके और न ही उसकी परिक्रमा की, जैसा कि अपोलो 8 के पहले चंद्रयात्रियों ने 1968 की क्रिसमस की पूर्व संध्या पर किया था। उनका कैप्सूल चंद्रमा के पास से गुजरा और उससे 6,400 किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद यू-टर्न लेकर सीधे प्रशांत महासागर में उतरेगा। इसी के साथ वे सबसे दूर तक जाने वाले इंसान बन जाएंगे।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस में पहली बार कोई महिला, गैर-श्वेत समुदाय का कोई व्यक्ति और कोई गैर-अमेरिकी नागरिक
आर्टेमिस 2 के कमांडर रीड वाइजमैन ने ’’चलो चांद पर चलते हैं!’’ के घोष के साथ अंतरिक्ष की ओर इस अभियान की अगुवाई की और उनके साथ पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन थे। यह चंद्रमा के लिए रवाना हुआ अब तक का सबसे विविध दल है जिसके तहत पहली बार कोई महिला, गैर-श्वेत समुदाय का कोई व्यक्ति और कोई गैर-अमेरिकी नागरिक नासा के नए ओरियन कैप्सूल में सवार हुए।Artemis II Splashdown Live: जहां कभी अपोलो होता था लॉन्च, वहीं से आर्टेमिस ने भरी थी उड़ान
आर्टेमिस 2 ने फ्लोरिडा के उसी प्रक्षेपण स्थल से उड़ान भरी जहां से बहुत पहले अपोलो के अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजा गया था। उनमें से जो चंद लोग अब भी जीवित हैं, उन्होंने भी स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) रॉकेट से उड़ान भर रही नयी पीढ़ी का उत्साह बढ़ाया।Artemis II Splashdown Live: लॉन्चिंग में पहुंचे थे सैकड़ो लोग
अमेरिका के तीन और कनाडा के एक अंतरिक्ष यात्री को लेकर 32 मंजिला रॉकेट नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से जब रवाना हुआ तो वहां इस नए युग की शुरुआत देखने के लिए दसियों हजार लोग एकत्र हुए थे। आसपास की सड़कें और समुद्र तट भी लोगों से खचाखच भर गए जिससे 1960 और 70 के दशक के अपोलो चंद्र अभियानों की याद ताजा हो गई। यह चांद पर स्थायी मौजूदगी स्थापित करने की दिशा में नासा का अब तक का सबसे बड़ा कदम है।Artemis II Splashdown Live: कब लॉन्च हुआ था आर्टेमिस
दो अप्रैल (एपी) अमेरिका से चार अंतरिक्ष यात्री बुधवार को चांद की ओर रवाना हुए जो 50 साल से अधिक समय बाद पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन है। यह मिशन दो साल में चांद पर उतरने की अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ’नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (नासा) की कोशिश की शुरुआत है।Artemis II Splashdown Live: क्या है आर्टेमिस 2 मिशन?
Artemis II अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA का एक बेहद अहम मिशन है, जिसका उद्देश्य इंसानों को फिर से चंद्रमा के पास भेजना और भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी मिशनों की तैयारी करना है। यह मिशन खास इसलिए भी है क्योंकि लगभग 50 वर्षों बाद इंसान पहली बार चंद्रमा के इतने करीब गए। इससे पहले 1972 में Apollo 17 मिशन के दौरान आखिरी बार इंसान चंद्रमा तक पहुंचे थे। आर्टेमिस-2 में चार अंतरिक्ष यात्री सवार हैं, जो Orion spacecraft नाम के अंतरिक्ष यान में बैठकर पृथ्वी से उड़ान भरे और चंद्रमा के चारों ओर घूमकर वापस लौट रहे हैं। यह मिशन चंद्रमा पर उतरने का नहीं है, बल्कि एक परीक्षण मिशन है, जिसमें अंतरिक्ष यान की सुरक्षा, नेविगेशन, संचार और जीवन-समर्थन प्रणाली (life support system) की जांच की गई, ताकि अगले मिशन में सुरक्षित लैंडिंग कराई जा सके।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस की लैंडिंग कहां देखें लाइव
नासा आर्टेमिस 2 के स्प्लैशडाउन का लाइव प्रसारण करेगा। जिसे आप उसके यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं। इसके अलावा आप- NASA TV (लाइव स्ट्रीम): नासा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी लाइव देख सकते हैं।
- NASA App: आप NASA App के जरिए मोबाइल पर लाइव प्रसारण देख सकते हैं।
- NASA की आधिकारिक वेबसाइट: nasa.gov के Live सेक्शन में जाकर आर्टेमिस 2 की लैंडिंग देख सकते हैं।
Artemis II Splashdown Live: पृथ्वी से कितना दूर है आर्टेमिस-2
Artemis II के अंतरिक्ष यात्री- Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen- ने अपनी घर वापसी की यात्रा के अंतिम चरण की शुरुआत की। उन्होंने अपनी पसंद के गीत Run to the Water और Free के साथ इस चरण में प्रवेश किया। इसी दौरान वे अपने तीसरे रिटर्न ट्रैजेक्टरी करेक्शन बर्न की तैयारी कर रहे थे और पूरी तरह से पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश (री-एंट्री) और समुद्र में लैंडिंग (स्प्लैशडाउन) की तैयारियों में जुट गए। जब अंतरिक्ष यात्री नींद से जागे, उस समय वे पृथ्वी से लगभग 61,326 मील (करीब 98,700 किलोमीटर) की दूरी पर थे।Artemis II Splashdown Live: आर्टेमिस-2 क नाम रिकॉर्ड
नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा की ओर उड़ान के दौरान पृथ्वी से सबसे दूर तक जाने वाले मानव बनने का सोमवार को रिकॉर्ड बना दिया। यह मिशन चांद के दूरस्थ पक्ष के अद्भुत दृश्य पेश करता है, जिन्हें कभी भी पहले नहीं देखा गया।Artemis II Splashdown Live: धरती पर कब लैंड करेगा आर्टेमिस 2
आर्टेमिस-2 आज, यानी शनिवार 11 अप्रैल को धरती पर लैंड कर जाएगा। आर्टेमिस-2 जमीन के बजाय पानी में उतरेगा, जहां नासा और अमेरिकी नौसेना की टीम पहले से तैनात रहेगी और तुरंत आर्टेमिस-2 के कैप्सूल का पता लगाकर अंतरिक्षयात्रियों को बाहर निकालेगी। नासा का आर्टेमिस-2 अंतरिक्षयान 10 दिन का मिशन पूरा कर आज धरती पर लौट रहा है। आर्टेमिस-2 ने चांद पर लैंडिंग नहीं की थी, बल्कि चांद से क्रॉस कर उसके अंधेरे हिस्से तक गया और फिर तेजी से यू-टर्न लेकर पृथ्वी की ओर मुड़ गया। आर्टेमिस-2 का स्प्लैशडाउन लाइव यहां देखिए।Explained: क्यों खत्म होने जा रहा है 'लीप सेकंड'? जानिए 86,400 सेकंड के दिन से लेकर परमाणु घड़ी और पृथ्वी की बदलती चाल की पूरी कहानी
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