Kanpur Violence:आरोपियों के पोस्टर लगाने का हो रहा असर, 12 और गिरफ्तार, 3 PFI कार्यकर्ता भी शामिल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 7, 2022, 09:28 PM IST

पुलिस ने कानपुर में गत शुक्रवार को हुई हिंसा में संलिप्तता के आरोप में मंगलवार को 12 और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसके बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 50 हो गई।

 Kanpur Violence:आरोपियों के पोस्टर लगाने का हो रहा असर, 12 और गिरफ्तार, 3 PFI कार्यकर्ता भी शामिल

Arresting in Kanpur violence:कानपुर पुलिस ने पिछले हफ्ते शहर में हुई हिंसा (Kanpur violence) के सिलसिले में मंगलवार को 12 और लोगों को गिरफ्तार किया। हिंसा के मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 50 हो गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा, लगभग एक दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस की ओर से लगाए गए पोस्टर के बाद 16 वर्षीय किशोर ने कर्नलगंज थाने में आकर आत्मसमर्पण किया है। उनके मुताबिक, पोस्टर में लगाई गई फोटो में उसकी भी तस्वीर शामिल है।

कुमार ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने तीन जून की हिंसा को लेकर फर्जी और भड़काऊ सामग्री फैलाने के आरोप में दो फेसबुक और तीन ट्विटर अकाउंट के संचालकों के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की। जिला प्रशासन ने डिप्टी का पड़ाव क्रासिंग के पास स्थित एक पेट्रोल पंप को सील कर दिया है।

उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि शुक्रवार को हिंसा से पहले इस पेट्रोल पंप से लोगों को बोतलों में ईंधन दिया जा रहा है। इसी इलाके में कथित तौर पर पेट्रोल बम भी फेंके गये थे।

'दंगाई दूर-दूर से विभिन्न जिलों और मोहल्लों से आए थे'

उन्होंने कहा कि चूंकि बोतलों में पेट्रोल की बिक्री प्रतिबंधित है, इसलिए पेट्रोल पंप का लाइसेंस जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।जांच के दौरान यह सामने आया है कि दंगाई दूर-दूर से विभिन्न जिलों और मोहल्लों से आए थे और विशेष जांच दल (SIT) इसकी पड़ताल कर रही है।

मुख्य साजिशकर्ता जफर हयात हाशमी की पत्नी ज़ारा हयात की भूमिका की भी जांच

अधिकारी ने कहा कि एसआईटी ने अपना ध्यान उन लोगों पर केंद्रित किया है जो प्रमुख साजिशकर्ता और दंगों के लिए आर्थिक मददगार हो सकते हैं। पुलिस ने कथित मुख्य साजिशकर्ता जफर हयात हाशमी की पत्नी ज़ारा हयात की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है, जिसकी गिरफ्तारी गत दिवस लखनऊ के हजरतगंज से की गई थी।एसआईटी द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों ने हाशमी की पत्नी पर संदेह पैदा किया जो कई व्हाट्सऐप ग्रुपों की एडमिन थी।

अलग अलग वीडियो के माध्यम से आरोपियों की तस्वीरें एकत्र की गई

कानपुर आयुक्तालय पुलिस ने सोमवार को पोस्टर जारी किए थे जिनमें उन लोगों की तस्वीरें हैं जिन्होंने शुक्रवार को हुई हिंसा में कथित तौर पर भूमिका निभाई थी।पुलिस ने कहा कि अलग अलग वीडियो के माध्यम से आरोपियों की तस्वीरें एकत्र की गई हैं।पुलिस के मुताबिक, शहर के परेड, नई सड़क और यतीमखाना इलाकों में शुक्रवार को उस समय दो समुदाय के सदस्यों के बीच हिंसा भड़क उठी थी, जब कुछ लोगों ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा (अब निलंबित) अपमानजनक टिप्पणी को लेकर दुकानदारों को दुकानें बंद करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की।

फेसबुक-ट्विटर के 8 यूजर्स के खिलाफ एफआईआर 

कानपुर पुलिस ने शुक्रवार की हिंसा के मामले में कथित रूप से फर्जी और भड़काऊ सामग्री फैलाने के आरोप में फेसबुक और ट्विटर के आठ उपयोगकर्ताओं के खिलाफ सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की।अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) ने बताया कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया उपायोगकर्ताओं ने कथित तौर पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट की जिससे आम लोगों में गुस्सा है।इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान) 507, (अनाम संचार द्वारा आपराधिक धमकी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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