जानें कौन हैं सुवेंदु सरकार में मंत्री बने दिलीप घोष, RSS प्रचारक से सत्ता के शिखर तक ऐसा रहा सफर

पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के साथ 5 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें दिलीप घोष भी थे। जानें उनकी आरएसएस पृष्ठभूमि, राजनीतिक सफर, चुनावी जीत और कुल संपत्ति के बारे में विस्तार से।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेने के बाद राज्यपाल ने भाजपा के 5 दिग्गज नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इन नामों में सबसे प्रमुख नाम पश्चिम बंगाल बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और फायरब्रांड नेता दिलीप घोष का है। दिलीप घोष के अलावा निशिथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडु ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।

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कौन हैं दिलीप घोष

कौन हैं दिलीप घोष?

दिलीप घोष की पहचान बंगाल में भाजपा को एक मजबूत शक्ति के रूप में खड़ा करने वाले नेता की रही है। उनका राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प है। राजनीति में आने से पहले दिलीप घोष लंबे समय तक आरएसएस (RSS) के प्रचारक रहे। उन्होंने 1984 में एक प्रचारक के रूप में अपने सफर की शुरुआत की थी। साल 1999 से 2007 तक उन्होंने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के प्रभारी के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व आरएसएस प्रमुख केएस सुदर्शन के सहायक के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। 2014 में वह औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हुए और उन्हें बंगाल का महासचिव बनाया गया। इसके महज एक साल बाद, 2015 में वह प्रदेश अध्यक्ष बने और 2020 में दोबारा इस पद पर चुने गए।

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