Ayodhya Chanda Chori: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला गर्माता जा रहा है। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सरकार पर हमलावर नजर आ रहे हैं। इस बीच, प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने शुक्रवार को पुजारी से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि रामलला को एक भक्त ने हार और चरणपादुका भेंट की थी, जो अब गायब है।
अयोध्या स्थित राम मंदिर (फोटो साभार: @ShriRamTeerth)
SIT ने पुजारी से की पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की शुक्रवार को हुई जांच में कई अहम जानकारियां सामने आईं। रामलला को एक भक्त ने हार और चरणपादुका भेंट की थी, लेकिन उसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। बताया जा रहा है कि बीते दिनों प्रभु श्रीराम को हार चढ़ाया गया था, लेकिन अब हार और चरणपादुका कही रिकॉर्ड में नहीं है। एसआईटी की टीम ने इसको लेकर पड़ताल की तो अहम चीजें सामने आईं।
पुजारी ने एसआईटी को बताया कि पर्व के दिन रामलला को हार पहनाकर शाम को टिन्नू यादव को सौंप दिया गया था। इसके बाद जब एसआईटी ने टिन्नू यादव से पूछताछ की तो पता चला कि चढ़ाने में आने वाले जेवर को गला कर ईंट बनाया जाता है। हालांकि, इस हार और चरणपादुका की ईंट बनी हो, ऐसी जानकारी किसी रिकॉर्ड में नहीं है। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी को जो जानकारी मिल रही है उसकी जांच तेजी से चल रही है, लेकिन कुछ जेवर की जानकारी ही नहीं है तो उसे जांच में शामिल नहीं किया गया है।
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बता दें कि टिन्नू यादव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर और उनके काफी करीबी माने जाते हैं। टिन्नू यादव असल नाम रामशंकर यादव है।
'SIT से सब कुछ हो जाएगा साफ'
इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रामभक्तों को भरोसा दिलाया कि एसआईटी जांच दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। राम मंदिर के लिए 500 वर्षों के संघर्ष का इतिहास दोहराते हुए योगी ने कहा कि हम लोगों के पूर्वजों ने पांच सौ वर्षों तक प्रभु राम के स्थान को लेने के लिए संघर्ष किया है तो 15 दिन और देख लो, चिंता मत करो।
सनद रहे कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद पहली बार अयोध्या के दौरे पर शुक्रवार को पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के मंडलायुक्त के नेतृत्व में पिछले दिनों एक तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है।
