West Bengal SIR Data: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के तहत मतदाता सूची के एन्यूमरेशन चरण के अहम नतीजे सामने आए हैं। 4 नवंबर 2025 से 11 दिसंबर 2025 तक चले इस चरण में कुल 7 करोड़ 66 लाख से अधिक मतदाताओं में से 7 करोड़ 8 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किए, जो करीब 92.40 प्रतिशत भागीदारी को दर्शाता है। चुनाव आयोग के अनुसार इस प्रक्रिया में 24.16 लाख मतदाता मृत पाए गए, 32.65 लाख मतदाता स्थानांतरित या अनुपस्थित मिले, जबकि 1.38 लाख नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक और योग्य मतदाताओं के नाम दावे और आपत्ति की अवधि के दौरान दोबारा जोड़े जा सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, राज्य के सभी 24 जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचन अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से यह चरण सफलतापूर्वक पूरा हुआ। 80 हजार से अधिक मतदान केंद्रों पर घर घर जाकर फॉर्म वितरित और एकत्र किए गए। इस दौरान सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बूथ लेवल एजेंटों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से बाहर नहीं रहेगा
आयोग ने भरोसा दिलाया है कि कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से बाहर नहीं रहेगा। 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियों की अवधि तय की गई है। इस दौरान नाम जोड़ने, सुधार करने या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
मतदाता अपने नाम की जांच स्थानीय बूथ लेवल अधिकारी, ईसीआईनेट मोबाइल ऐप और आधिकारिक वेबसाइट के जरिए कर सकते हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना नोटिस और सुनवाई के किसी भी नाम को हटाया नहीं जाएगा।
