10th NITI Aayog Governing Council Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में संपन्न हुई नीति आयोग की बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं शामिल हुईं। इस बैठक में 36 में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने हिस्सा लिया और सभी ने एक स्वर में 'ऑपरेशन सिंदूर' का समर्थन किया।
बैठक में क्यों नहीं शामिल हुईं ममता?
नीति आयोग की 10वीं शासी परिषद की बैठक में ममता बनर्जी तो नहीं आईं, लेकिन शनिवार शाम तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई कि बैठक में पश्चिम बंगाल का कोई प्रतिनिधित्व था भी या नहीं। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी की अनुपस्थिति का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है।
TMC ने साधी चुप्पी
इस मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुप्पी साधी है। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने बैठक में राज्य की भागीदारी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कुणाल घोष ने कहा कि यह पूरी तरह से राज्य सरकार का मामला है। हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। जब मुख्यमंत्री या राज्य सरकार को इस पर कोई बयान जारी करने का मन होगा तो वह जारी करेंगे।
भाजपा-कांग्रेस ने साधा निशाना
नीति आयोग की बैठक में ममता बनर्जी के शामिल नहीं होने पर भाजपा और कांग्रेस ने उनकी आलोचना की। भाजपा के राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री ने बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया। इस बैठक में कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भाग ले रहे हैं, जबकि कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री बैठक में शामिल होतीं तो वह कई मुद्दे उठा सकती थीं।
'टीम इंडिया की तरह करें काम'
पीएम मोदी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निवेश को प्रोत्साहित करने तथा रोजगार सृजन के लिए नीतिगत बाधाओं को दूर करने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार और राज्य मिलकर 'टीम इंडिया' की तरह काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
