Vande Sadharan Express: पहली वंदे साधारण एक्सप्रेस मुंबई पहुंच गई है और इसे टेस्ट रन के लिए मझगांव के वाडीबंदर रेलवे यार्ड में खड़ा किया जा रहा है। यह ट्रेन मुंबई-नासिक लाइन पर थाल घाट पर इगतपुरी की खड़ी पहाड़ियों पर भी चलेगी। जो पहली ट्रेन आई है उस पर पश्चिम रेलवे का निशान है और उम्मीद है कि यह मुंबई से पश्चिम रेलवे रूट पर दौड़ेगी। इसके ट्रायल रन की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।
वंदे साधारण ट्रेन
औपचारिक नाम तय नहीं
हालांकि वंदे साधारण एक्सप्रेस का नाम अभी तक औपचारिक तौर पर तय नहीं हुआ है, ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस का ही एक रूप है, जिसमें पुश-पुल संस्करण जैसी तकनीक है। ये बिना एसी वाली ऐसी ट्रेन है जो तेज गति से यात्रियों को उनके गंतव्य तक लेकर जाएगी। आराम के साथ आधुनिक डिजाइन लेकिन आम आदमी के लिए कम किराया, यही इस ट्रेन को चलाने का लक्ष्य है।
चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में निर्माण
एक अधिकारी ने कहा कि ट्रेन का निर्माण और उत्पादन चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा 65 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इसमें 22 कोच हैं, इसमें दोनों सिरों पर इलेक्ट्रिक इंजन हैं। इसमें 12 स्लीपर क्लास कोच, आठ जनरल कोच और दो गार्ड कोच शामिल हैं। दोनों तरफ के दो इंजनों का निर्माण कहीं और किया गया है। दोनों सिरों पर लोकोमोटिव के साथ पुश-पुल व्यवस्था से ट्रेन को तेज गति मिलेगी और यात्री अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव करेंगे। ट्रेन में लगभग 1,800 यात्री बैठ सकते हैं और इसकी अधिकतम गति 130 किमी प्रति घंटा है।
ट्रेन का हुआ परीक्षण
अधिकारी ने कहा, वाडी बंदर में अधिकारियों ने ट्रेन का परीक्षण किया, जिसमें मोटर कोच और अन्य कोचों के बीच समन्वय का परीक्षण किया गया। उन्होंने सॉफ्टवेयर और स्थापित उपकरणों के बीच इंटरफेस का भी परीक्षण किया। अभी इसके अस्थायी रूट तय हुए हैं। इसके अनुसार वंदे साधारण एक्सप्रेस को पांच रूट्स- नया पटना-नई दिल्ली, हावड़ा - नई दिल्ली, हैदराबाद - नई दिल्ली, मुंबई - नई दिल्ली, एर्नाकुलम - गुवाहाटी पर चलाने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
