Debate on Vander Matram in Rajya Sabha: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्यसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सहित विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। गृह मंत्री ने कहा कि 'वंदे मातरम् को बंगाल चुनाव से मत जोड़िए। यह ऐसी भावना है जो पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।' गृह मंत्री ने कहा कि 'लोकसभा में कुछ सदस्यों ने वंदे मातरम् पर इस चर्चा की आवश्यकता पर सवाल उठाए। वंदे मातरम् पर चर्चा की आवश्यकता, वंदे मातरम् के प्रति समर्पण की आवश्यकता, तब भी महत्वपूर्ण थी और आज भी है, और 2047 के जिस उज्ज्वल भविष्य की हमने कल्पना की है, उसके लिए यह हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी।'
बंगाल चुनाव की वजह से चर्चा नहीं-शाह
गृह मंत्री ने आगे कहा कि कुछ लोग सोचते हैं कि ये चर्चाएं बंगाल के आगामी चुनावों की वजह से हो रही हैं। वे इन चर्चाओं को बंगाल चुनावों से जोड़कर हमारे राष्ट्रीय गीत के गौरव को कम करना चाहते हैं। यह सही है कि वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम बाबू बंगाल से थे, आनंद मठ की उत्पत्ति भी बंगाल में हुई, लेकिन वंदे मातरम् न तो बंगाल तक सीमित था और न ही देश तक…जब देश की सीमा पर कोई सैनिक या देश के भीतर सुरक्षा कर रहा कोई पुलिसकर्मी देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करता है, तब वह केवल एक ही नारा लगाता है ‘वंदे मातरम्।’
'हम सब सौभाग्यशाली हैं'
शाह ने कहा कि 'ये अमर कृति वंदे मातरम्, मां भारती के प्रति समर्पण, भक्ति और कर्तव्य का भाव जागृत करने वाली है। इसलिए जिनको ये नहीं समझ आ रहा है कि आज वंदे मातरम् पर चर्चा क्यों हों रही है, मुझे लगता है कि उन्हें नए सिरे से अपनी समझ को समझने की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि 'हम सब सौभाग्यशाली हैं कि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी भी बन रहे हैं और इसमें हिस्सा भी ले रहे हैं। इस महान सदन में वंदे मातरम् पर चर्चा हो रही है।
...तो देश का विभाजन भी नहीं होता-शाह
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 'हमारी समृद्धि, हमारी सुरक्षा, ज्ञान-विज्ञान सब भारत माता की ही कृपा हैं। इतना बड़ा संकल्प बंकिम बाबू ने रखा। दुर्गा की वीरता, लक्ष्मी की सम्पन्नता और सरस्वती की मेधा, यह हमारी मिट्टी ही दे सकती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम की स्वर्ण जयंती जब हुई, तब जवाहरलाल नेहरू जी ने इसके दो टुकड़े कर इसे दो अंतरों तक सीमित कर दिया। वहीं से तुष्टीकरण की शुरुआत हुई। अगर वंदे मातरम के दो टुकड़े कर तुष्टीकरण की शुरुआत नहीं हुई होती तो देश का विभाजन भी नहीं होता।'
संसद छोड़कर चले जाते हैं इंडी अलायंस के सदस्यः शाह
अमित शाह ने दावा कि उस समय, जब हम वंदे मातरम् के गान की शुरुआत कर रहे थे, तब इंडी अलायंस के ढेर सारे लोगों ने कहा कि हम वंदे मातरम् नहीं गाएंगे, और मैंने यह भी देखा है कि जब संसद में वंदे मातरम् का गान होता है, तो इंडी अलायंस के कई सदस्य, जो लोकसभा में बैठे होते हैं, बाहर चले जाते हैं।
