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'मुझ पर पूर्वजों का आशीर्वाद...', पूर्व DGP ने 35 साल लंबे सफर को बताया संतोषजनक; सुनाई माफिया राज के अंत की अनसुनी कहानी

उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने डॉ. रमा सोलंकी के खास पॉडकॉस्ट पावर कॉरिडोर में माफिया के अंत की अनसुनी कहानी सुनाई। साथ ही 300 से ज्यादा एनकाउंटर की सच्चाई बताई।

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Photo : Times Now Digital
पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार
Reported by: Dr Rama Solanki
Updated May 5, 2026, 18:32 IST
Edited by: Anurag Gupta
Updated May 5, 2026, 18:32 IST
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उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने खास बातचीत में अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और विकास दुबे जैसे माफियाओं के खात्मे, 'ऑपरेशन कन्विक्शन' और एनकाउंटर नीति पर विस्तृत चर्चा की।

डॉ. रमा सोलंकी के खास पॉडकॉस्ट पावर कॉरिडोर में उन्होंने अपने 35 साल के लंबे सफर को अत्यधिक उतार-चढ़ाव भरा, लेकिन संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा, ''मुझ पर पूर्वजों का आशीर्वाद है। मैं महाकुंभ के बाद रिटायर हुआ...मुझे यूपी पुलिस जैसी बड़ी फोर्स के मुखिया के रूप में वैश्विक आयोजन का हिस्सा बनने का गौरव हासिल हुआ।''

पूर्व डीजीपी से चुनौतियों से जुड़े सवाल पर कहा कि किसी भी पद पर काम करते समय जवाबदेही और जिम्मेदारी साथ-साथ चलती है... एक पब्लिक सर्वेंट हमेशा जनता की नजरों में रहता है, इसलिए उन्होंने कभी भी आलोचना से परहेज नहीं किया, बल्कि उसे बेहतर फीडबैक के रूप में लिया।

'ऑपरेशन कन्विक्शन' (Operation Conviction)

प्रशांत कुमार ने बताया कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को मजबूत करने के लिए यह एक विशेष योजना है। इस ऑपरेशन के तहत यूपी पुलिस ने अब तक लगभग दो- सवा दो लाख मामलों में सजा (कन्विक्शन) सुनिश्चित की है। इनमें से करीब सवा सौ मामलों में दोषियों को मृत्युदंड की सजा दिलाई गई है। उन्होंने बताया कि माफियाओं पर भी कार्रवाई की गई है। कुछ ऑपरेशन मीडिया में ज्यादा हाईलाइट होते हैं...

माफियाओं का टूटा मनोबल

प्रशांत कुमार ने आगे चिह्नित माफियाओं का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 1400-1500 चिह्नित माफिया और गुर्रों में से 120 को सजा मिली और 20 लोग उसमें से ऑपरेशन में मारे भी गए। सारे मुख्य माफिया जेल में हैं और सजा काट रहे हैं।

धुरंधर में अतीक अहमद ढेर

पूर्व डीजीपी ने एक फिल्म में अतीक अहमद से जुड़े सीन को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ''वह एक काल्पनिक मूवी थी। उसका यथार्थ से कोई संबंध नहीं है... यह जरूर था कि उस माफिया पर भी यूपी पुलिस ने कार्रवाई की और उसे आजीवन कारावास की सजा दिलाई। अगर वो जिंदा होता तो हम लोगों ने और भी केस चिह्नित कर रखे थे...

EX DGP Prashant Kumar

EX DGP Prashant Kumar

पूर्व DGP ने 300 से ज्यादा एनकाउंटर किए?

प्रशांत कुमार ने 300 से ज्यादा एनकाउंटर से जुड़े सवाल पर स्पष्ट किया कि यह डेटा सही नहीं है और यह सोशल मीडिया पर फैलाई गई संख्या है। उन्होंने कहा कि जब सोशल मीडिया के डेटा को ठीक (verify) किया जाता है, तब समझ आता है कि 300 से ज्यादा एनकाउंटर जैसी चीजें संभव नहीं होती हैं। उन्होंने आगे बताया कि जब भी कहीं कोई ऑपरेशन होता है, तो एक लीडर के तौर पर उन्हें अपनी टीम के साथ खड़ा रहना पड़ता है। उनका मानना है कि जब तक लीडर टीम के साथ कदम से कदम मिलाकर नहीं चलता, तब तक टीम का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ नहीं होता है।

खुद को 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' कहे जाने पर उन्होंने कहा कि लोग अपनी बातें करते रहते हैं, लेकिन वे इसे केवल एक जिम्मेदारी के तौर पर देखते हैं।

अतीक अहमद की हत्या पर क्या बोले प्रशांत कुमार

पूर्व डीजीपी ने अतीक अहमद की हत्या से जुड़े सवाल पर कहा, ''एक माफिया कितना भी दुर्दांत क्यों न हो, उसकी मौत इस तरह से नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि पुलिस कस्टडी रिमांड के बाद अतीक और उसके भाई का मेडिकल कराया जाना था। इसी प्रक्रिया के दौरान जब उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, तब यह हमला हुआ...

उन्होंने कहा, ''हत्यारे प्रेस कर्मियों के रूप में आईडी कार्ड और कैमरा लेकर वहां मौजूद थे। चूंकि उस समय प्रेस वालों की तलाशी करने के लिए कोई विशेष एसओपी (SOP) मौजूद नहीं थी, इसलिए वे हमला करने में सफल रहे। वहां पहले से ही भारी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद थे, जिसके कारण पूरी घटना का लाइव टेलीकास्ट हो गया।''

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