Iran tensions : ईरान पर लगातार हमले की धमकी देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामिक गणराज्य की अपनी घेराबंदी और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने अब अपना दूसरा एयरक्राफ्ट करियर पश्चिम एशिया की तरफ रवाना किया है। इस एयरक्राफ्ट करियर का नाम यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड है। इसकी सुरक्षा में अन्य युद्धपोत एवं जगी जहाज भी तैनात हैं। यह एयरक्राफ्ट करियर कैरेबियन सागर से रवाना हुआ है। यूएस का एयरक्राफ्ट करियर यूएसएस अब्राहम लिंकन पहले से ही ईरान के आस-पास है। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि दूसरे एयरक्राफ्ट करियर को पश्चिम एशिया में तैनात कर ट्रंप ईरान पर अपना दबाव बढ़ाना और उसके हौसले को तोड़ना चाहते हैं।
ट्रंप ने ईरान की घेराबंदी बढ़ाई।
मई की शुरुआत तक इसके वापस आने की उम्मीद नहीं
ईरान पर ट्रंप के कभी नरम तो गरम सुर के बीच यह घटनाक्रम हुआ है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि एयरक्राफ्ट करियर रवाना हो चुका है और इसके अप्रैल अथवा मई की शुरुआत तक वापस आने की उम्मीद नहीं है। गेराल्ड फोर्ट पर्शियन गल्फ में पहले से मौजूद यूएसएस अब्राहम लिंकन के समीप जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक यूएसएस अब्राहम लिंकन तीन गाइडेड मिसाइल विध्वंसकों के साथ दो सप्ताह पहले पश्चिम एशिया पहुंचा।
वेनेजुएला की घेराबंदी कर चुका है यह एयरक्राफ्ट करियर
इससे पहले वेनेजुएला की घेराबंदी करने में गेराल्ड फोर्ड अहम भूमिका निभा चुका है। रिपोर्ट में कहा गया कि वेनेजुएला पर हमला करने के लिए यहां से भी फाइटर प्लेन उड़े थे। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को पकड़ने के लिए अमेरिका ने तीन जनवरी की रात ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व चलाया था।
ईरान मुद्दे पर ट्रंप-नेतन्याहू के बीच हुई बैठक
ट्रंप ने बुधवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और ईरान के साथ बातचीत जारी रखने पर जोर दिया। अमेरिका ईरान के साथ परमाणु समझौते को आगे बढ़ाना चाहता है। ट्रंप और नेतन्याहू के बीच यह मुलाकात ’व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'यह मुलाकात बहुत अच्छी रही और दोनों देशों के बीच शानदार रिश्ते जारी रहेंगे।’ उन्होंने कहा, 'कुछ भी निश्चित नहीं हुआ है, सिवाय इसके कि मैंने ईरान के साथ बातचीत पर यह देखने के लिए जोर दिया कि यह समझौता हो सकता है या नहीं।’
