TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय भीषण अंदरूनी कलह से जूझ रही है। शनिवार को पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य (Chandrima Bhattacharya Resignation) ने अपने सभी पदों से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। अब इस पूरे घटनाक्रम पर टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय (Saugata Roy) की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। सौगत रॉय ने चंद्रिमा भट्टाचार्य पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि उन्होंने पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भरोसे को तोड़ा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि जब कुछ 'बाहरी' लोगों ने कोलकाता स्थित टीएमसी के राज्य कार्यालय पर कब्जा करने की कोशिश की, तब चंद्रिमा भट्टाचार्य वहीं मौजूद थीं। इसके बावजूद उन्होंने इसका कोई विरोध नहीं किया। सौगत रॉय के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी थी कि वह पार्टी दफ्तर की रक्षा करतीं, लेकिन वह अपने कर्तव्य में पूरी तरह नाकाम रहीं। इस ढुलमुल रवैए के कारण पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में उनके खिलाफ भारी गुस्सा था।
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चंद्रिमा ने सिर्फ विश्वासघात किया-सौगत रॉय
सांसद ने साफ शब्दों में कहा कि चंद्रिमा ने खुद पार्टी छोड़ी है और उनके इस कदम के बाद किसी ने भी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। ममता बनर्जी ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ाया, चुनाव हारने के बाद भी उन्हें दूसरी सीट से जिताकर बड़ी जिम्मेदारियां दीं, लेकिन बदले में उन्होंने सिर्फ विश्वासघात किया। दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले एक बागी गुट द्वारा पार्टी दफ्तर पर कब्जे की खबरें आईं, जिसके बाद दफ्तर के मकान मालिक ने अंदर से ताला लगा दिया।
जून 2026 में ही मिला था प्रदेश अध्यक्ष का पद
इस ड्रामे के तुरंत बाद चंद्रिमा ने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर जून 2026 में मिले प्रदेश अध्यक्ष के पद और बैंक खातों के हस्ताक्षरकर्ता समेत सभी जिम्मेदारियों से खुद को अलग कर लिया। वहीं, टीएमसी से निष्कासित विधायक संदीपन साहा ने चंद्रिमा के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि अब पार्टी के भीतर काम करने का माहौल नहीं बचा है।
