NEET Paper 2024 Leak Case: नीट पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है अपने हलफनामे में केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह नीट की परीक्षा दोबारा करने के पक्ष में नहीं है केंद्र ने हलफनामे में कहा कि भारत सरकार उन छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए बाध्य है जिन्होंने नीट परीक्षा 2024 दी है।
केंद्र सरकार ने कहा-वो छात्रों के हितों की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर गुरुवार 11 जुलाई को सुनवाई होनी है, गौर हो कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्र हमलावर हैं।
पेपर लीक को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया गया है
छात्रों द्वारा प्राप्त अंकों में कुल मिलाकर वृद्धि हुई है, विशेष रूप से 550 से 720 की सीमा में यह वृद्धि शहरों और केंद्रों में देखी गई है। इसका श्रेय पाठ्यक्रम में 25 फीसदी की कटौती को जाता है।
काउंसलिंग प्रक्रिया जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू
काउंसलिंग प्रक्रिया जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर चार राउंड में आयोजित की जाएगी। यदि किसी उम्मीदवार के बारे में यह पाया जाता है कि वह किसी गड़बड़ी से लाभ उठाया है तो ऐसे व्यक्ति की काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान या उसके बाद भी किसी भी स्तर पर रद्द कर दी जाएगी।
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एक मजबूत परीक्षा प्रक्रिया बनाने के लिए प्रतिबद्ध
इस हलफनामे में केंद्र ने कहा कि सरकार सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए एक मजबूत परीक्षा प्रक्रिया बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
