दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में मंगलवार को एक खास कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यहां उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी और फिलहाल हरियाणा की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, राई सोनीपत के कुलपति अशोक कुमार की किताब “चैलेंजेज टू इंटरनल सिक्योरिटी ऑफ इंडिया” के सातवें संस्करण का लोकार्पण किया गया।
केंद्रीय ऊर्जा और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि भारत की आंतरिक सुरक्षा कई तरह की चुनौतियों से घिरी हुई है। आतंकवाद, नक्सलवाद, ड्रग्स और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दे केवल सरकार या पुलिस के भरोसे हल नहीं हो सकते। आम नागरिक, खासकर देश की युवा पीढ़ी को भी इनसे निपटने में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि इस किताब को केवल पढ़ाई की दृष्टि से न देखें, बल्कि इसे पढ़कर देश की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों को समझें।
कार्यक्रम के दौरान मनोहर लाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने कश्मीर, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर उग्रवाद जैसी चुनौतियों को काफी हद तक काबू में किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में देश इन समस्याओं से पूरी तरह मुक्ति पा सकेगा। इस दौरान उन्होंने स्वामी दयानंद और महात्मा हंसराज की मूर्तियों पर माल्यार्पण भी किया।
किताब के लेखक अशोक कुमार ने बताया कि यह पुस्तक कश्मीर, नक्सलवाद और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल पुलिस या सेना की नहीं है, यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यह किताब न सिर्फ यूपीएससी के छात्रों के बीच लोकप्रिय रही, बल्कि आम पाठकों में भी इसकी मांग बढ़ी है। हर संस्करण में हमने समसामयिक घटनाओं से जुड़ी नई जानकारियां जोड़ी हैं।”
इस मौके पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने भी सुरक्षा के बदलते स्वरूप और अपने अनुभवों पर प्रकाश डाला।
