पति-पत्नी राजी तो तुरंत मिलेगा तलाक, 6 महीने की प्रतीक्षा अवधि भी खत्म, सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 1, 2023, 01:13 PM IST

शीर्ष अदालत का कहना है कि वह संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत उसे दी गई विशेष शक्ति का उपयोग कर सकता है।

Supreme Court on Divoce: सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के मामले में अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि हर हाल में टूटने वाले संबंध (Irretrievable Breakdown) को लेकर शादी को खत्म करने की मंजूरी दे सकता है। अदालत ने कहा कि शादी बचने की गुंजाइश नहीं होने और पति-पत्नी के बीच सहमति होने पर वह शादी को तुरंत भंग करने का आदेश दे सकता है। इसके लिए तलाक की 6 महीने की प्रतीक्षा अवधि को भी खत्म किया जा सकता है।

Supreme Court

तलाक के लिए 6 महीने की प्रतीक्षा अवधि हो सकती है खत्म

अनुच्छेद 143 की शक्तियों का इस्तेमाल

जस्टिस एस के कौल की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत पूरा न्याय करने का अधिकार है। आपसी सहमति से तलाक के लिए 6 महीने की अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि को शर्तों के तहत समाप्त किया जा सकता है। जहां शादी के बचने की गुंजाइश न हो, ऐसे मामलों में आपसी सहमति से तुरतं संबंध विच्छेद हो सकते हैं।

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