'गंगा में चिकन खाना कोई अपराध नहीं', वाराणसी इफ्तार पार्टी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जवल भुइयां की टिप्पणी

Supreme Court Justice Ujjwal Bhuyan: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने देश में असहमति के घटते स्थान पर चिंता जताई है। उन्होंने वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार के दौरान चिकन बिरयानी खाने के मामले में युवकों को तीन महीने तक जमानत न मिलने पर सवाल उठाए।

Supreme Court Justice Ujjwal Bhuyan: वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी के दौरान चिकन बिरयानी खाने (ganga boat iftar chicken biryani bail case) और हड्डियां फेंकने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने बेहद सख्त और महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने देश में घटती वैचारिक आजादी और असहमति व्यक्त करने के अधिकारों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। जस्टिस भुइयां ने कहा कि भारत में अलग-अलग विचारों को स्वीकार करने के लिए सार्वजनिक जगहें लगातार कम होती जा रही हैं।

biryani on ganga justice Ujjal bhuyan

जस्टिस भुइयां का कड़ा रुख (Photo: Supreme Court)

शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध करने वाले छात्रों व नागरिकों को गिरफ्तार किया जा रहा है। जब उन्हें जमानत मिलती भी है, तो अदालतें ऐसी कठोर शर्तें लगा देती हैं, जो उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बुरी तरह सीमित कर देती हैं। लाइव लॉ की जानकारी के मुताबिक वाराणसी के गंगा नदी वाले मामले का विशेष रूप से जिक्र करते हुए जस्टिस भुइयां ने सवाल उठाया कि जिन युवाओं को इस घटना के लिए गिरफ्तार किया गया, उन्हें तीन महीने तक जेल में क्यों रहना पड़ा?

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