Rahul in Lok Sabha: लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल (Public Examination Amendment Bill, 2026) पर चर्चा के दौरान उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के लोगों को तीन श्रेणियों में विभाजित करते हुए 'स्टूडेंट', 'इडियट' (मूर्ख) और 'अंधभक्त' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। सत्तापक्ष (NDA) ने राहुल गांधी की इस शब्दावली को असंसदीय भाषा बताते हुए इसका जोरदार विरोध किया। इससे सदन में भारी हंगामा खड़ा हो गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल से इस बयान पर माफी मांगने की मांग की। दोनों ओर से लगातार शोर-शराबा और व्यवधान के बीच सदन की कार्यवाही ढाई बजे तक रोक दी गई।
राहुल के बयान पर लोक सभा में हंगामा
संसद को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में छात्र आंदोलनों के संदर्भ में एक 18 वर्षीय छात्रा के साथ हुई अपनी बातचीत का हवाला दिया। राहुल ने कहा कि उस छात्रा ने उन्हें समाज के तीन तरह के लोगों के बारे में बताया था।
राहुल गांधी के बयान पर हंगामा
1. स्टूडेंट: राहुल गांधी ने छात्रा के हवाले से कहा कि स्टूडेंट वह होता है जिसका दिल और दिमाग खुला होता है और जो हमेशा सच के पीछे भागता है। सच्चाई उसके लिए मीठी होती है। गांधीजी की तरह, उसके घर की खिड़कियां सभी हवाओं के लिए खुली रहती हैं। एक छात्र सच्चाई को गर्व से अपने सीने पर धारण करता है।
2. इडियट (मूर्ख): राहुल ने कहा, जब मैंने उस छात्रा से पूछा कि जो छात्र नहीं हैं, वे दूसरे प्रकार के लोग कैसे होते हैं? तो उसने बताया कि दूसरे प्रकार के लोगों को एक 'छवि' की जरूरत होती है। चूंकि वह इमेज सच नहीं होती—क्योंकि वह इडियट यह ढोंग करने की कोशिश कर रहा होता है कि वह खुद भगवान है—इसलिए उसे एक विशाल छवि का निर्माण करना पड़ता है। वे घमंडी होते हैं, किसी की बात नहीं सुनते और दूसरों के सच का सम्मान नहीं करते। छात्रा उन्हें 'इडियट्स' कहती है।
3. अंधभक्त: राहुल गांधी ने आगे कहा, मैंने सोचा कि एक श्रेणी स्टूडेंट की है और दूसरी इडियट की, तो तीसरी कैटेगरी कहां फिट होती है? मैंने उससे पूछा कि 'अंधभक्त' को कहां रखा जाए? तो उस लड़की ने मुझसे कहा—अंधभक्त वह व्यक्ति होता है जिसे पूरा यकीन होता है कि वह दूसरा इडियट ही भगवान है। तो ये तीन श्रेणियां हैं: स्टूडेंट, इडियट और इडियट के पीछे चलने वाला अंधभक्त।
भाजपा का पलटवार और भारी हंगामा
राहुल गांधी के मुंह से 'इडियट' शब्द सुनते ही सत्तापक्ष के सांसदों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर भारी शोर-शराबा और विरोध शुरू कर दिया। किरेन रिजिजू (संसदीय कार्य मंत्री) ने तुरंत हस्तक्षेप किया और राहुल गांधी को टोकते हुए कहा, "हम आपके भाषण में बाधा नहीं डालना चाहते, लेकिन आपने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है... आप बोलना जारी रखें, लेकिन इस तरह की भाषा का उपयोग न करें।" रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल छात्र का नाम लेकर खुद इन शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
राजनाथ सिंह का दखल
हंगामे के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने सत्तापक्ष के सांसदों से शांत रहने की अपील की ताकि राहुल गांधी अपनी बात पूरी कर सकें, लेकिन साथ ही उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनुरोध किया कि 'इडियट' शब्द को सदन की कार्यवाही (रिकॉर्ड) से हटा दिया जाए।
कार्यवाही से हटाया गया शब्द
राहुल गांधी बार-बार सदन में यह स्पष्ट करते रहे कि वे सत्तापक्ष के किसी व्यक्तिगत सदस्य या सांसद को 'इडियट' नहीं कह रहे हैं, बल्कि वे सिर्फ छात्र की परिभाषा बता रहे हैं। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रक्षा मंत्री के अनुरोध को स्वीकार करते हुए 'इडियट' शब्द को संसद के रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया और राहुल गांधी को मुख्य विषय (विधेयक) पर ही बोलने को कहा। इसके बावजूद हंगामा होता रहा और राहुल का भाषण पूरा नहीं हो सका।
