Shri Krishna Janmabhoomi Shahi Idgah Dispute: श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मथुरा की लोक अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष के वादी और उनके अधिवक्ता उपस्थित रहे, जबकि मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई पक्षकार पेश नहीं हुआ। हिंदू पक्ष ने लोक अदालत के समक्ष समझौते का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि यदि विवादित स्थल से मस्जिद का ढांचा हटाया जाता है तो दूसरी जगह मस्जिद निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई लोक अदालत में सुनवाई
यह सुनवाई श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़ी विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आयोजित की गई। मथुरा के एडीजे-11 सुरेंद्र प्रसाद की अदालत में लोक अदालत की प्रक्रिया पूरी की गई। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से विवाद के समाधान की संभावनाएं तलाशने के लिए लोक अदालत में उपस्थित होने को कहा था। इसी के तहत हिंदू पक्ष के वादी अदालत पहुंचे और करीब आधे घंटे तक अपना पक्ष रखा। हालांकि मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई भी प्रतिनिधि सुनवाई में शामिल नहीं हुआ।
हिंदू पक्ष ने रखा समझौते का प्रस्ताव
लोक अदालत में हिंदू पक्ष ने कहा कि यदि मुस्लिम पक्ष विवादित स्थल से अपना दावा और ढांचा हटाने पर सहमत होता है तो उसके लिए किसी अन्य स्थान पर मस्जिद निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है। हिंदू पक्ष का कहना था कि आधुनिक तकनीक के जरिए किसी भी ऐतिहासिक ढांचे को सुरक्षित तरीके से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है। उन्होंने अपने पक्ष के समर्थन में ऐतिहासिक तथ्यों और दस्तावेजों का भी उल्लेख किया। महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, अदालत ने हिंदू पक्ष की दलीलें सुनीं और आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए। अब इस संबंध में लोक अदालत की प्रक्रिया का क्या परिणाम निकलता है, यह आगे स्पष्ट होगा।
अगस्त में सुप्रीम कोर्ट में हो सकती है अगली सुनवाई
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि यदि लोक अदालत में किसी प्रकार का समाधान नहीं निकलता है तो मामला फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा। सर्वोच्च न्यायालय में इस प्रकरण से संबंधित मामलों की सुनवाई 21, 22 और 23 अगस्त को सूचीबद्ध है। इनमें से किसी भी तिथि पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चल सकती है।
हिंदू पक्ष ने दोहराया अपना दावा
हिंदू पक्ष के अन्य प्रतिनिधियों ने भी लोक अदालत में कहा कि उनकी आस्था के अनुसार विवादित स्थल भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य स्थल है। उनका कहना था कि यदि मुस्लिम पक्ष अपना दावा वापस लेकर ढांचा हटाने पर सहमत होता है तो वैकल्पिक स्थान पर मस्जिद निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान ये लोग रहे मौजूद
लोक अदालत की कार्यवाही के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से अधिवक्ता हरेराम त्रिपाठी, कौशल किशोर ठाकुर जी महाराज, संत श्यामानंद जी महाराज, अजय सिंह, विजय बहादुर सिंह, सुरेंद्र कुमार अधिवक्ता समेत हिंदू पक्ष के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई भी पक्षकार सुनवाई में शामिल नहीं हुआ।
क्या है पूरा विवाद?
मथुरा का श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद लंबे समय से अदालतों में लंबित है। हिंदू पक्ष का दावा है कि शाही ईदगाह मस्जिद उस स्थान पर बनी है जिसे वह भगवान श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थान मानता है। दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष इन दावों का विरोध करता रहा है। इस विवाद से जुड़े कई दीवानी मुकदमे और याचिकाएं विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर समझौते की संभावना तलाशने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन शनिवार की सुनवाई में मुस्लिम पक्ष की अनुपस्थिति के कारण कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।
