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दुश्मनों की कमर तोड़ने आ गया UAV रुद्रास्त्र; वर्टिकल मोड में टेकऑफ और लैंडिंग में माहिर; 170 KM की मारक क्षमता

UAV Rudrastra: दुश्मनों की कमर तोड़ने के लिए एक खास तकनीक से यूएवी रूद्रास्त्र विकसित किया गया। SDAL ने 11 जून 2025 को पोखरण फायरिंग रेंज में अपने हाईब्रिड वीटीओएल यूएवी रुद्रास्त्र का समफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह परीक्षण 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत स्वदेशी सैन्य तकनीक को सुदृढ़ बनाने के भारत के प्रयासों में एक बड़ा कदम है।

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UAV रुद्रास्त्र का सफल परीक्षण

Photo : ANI

UAV Rudrastra: दुश्मनों की कमर तोड़ने के लिए एक खास तकनीक से यूएवी रूद्रास्त्र विकसित किया गया। सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने 11 जून 2025 को पोखरण फायरिंग रेंज में अपने हाईब्रिड वीटीओएल यूएवी रुद्रास्त्र का समफलतापूर्वक परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान यूएवी ने मजबूत परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया और यूएवी लक्ष्य भेदन में तो कारगर है ही।

यह परीक्षण 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत स्वदेशी सैन्य तकनीक को सुदृढ़ बनाने के भारत के प्रयासों में एक बड़ा कदम है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मिशन की बहुमुखी स्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए यूएवी रुद्रास्त्र ने अपनी प्रमुख विशेषताओं को प्रदर्शित किया जिसमें वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग, विस्तारित उड़ान रेंज, रियल टाइम निगरानी और सटीक निशाना शामिल है।

क्या है खासियत?

  • यूएवी रूद्रास्त्र वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग में माहिर।
  • 170 किलोमीटर से अधिक की रेंज।
  • सटीक लक्ष्य को भेदने में कारगर।
  • दुश्मन पर करेगा आसमान से सटीक प्रहार।
  • हाइब्रिड VTOL तकनीक से लैस है रुद्रास्त्र।
  • रुद्रास्त्र की मारक क्षमता 170 किलोमीटर।
  • अत्याधुनिक कैमरा और निगरानी सिस्टम से लैस।
  • परीक्षण के दौरान दिखाई अपराजेय सटीकता।
  • पोखरण रेंज में सेना की निगरानी में हुआ सफल परीक्षण।
Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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